Chhattisgarh Railway Development : डबल इंजन सरकार का रेल बूस्ट, चांपा-बालोद-सरोना स्टेशन हुए आधुनिक

छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात मिली है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के चांपा, बालोद और सरोना रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इनका लोकार्पण किया। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलेगा।

तीनों स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से किया गया तैयार Chhattisgarh Railway Development

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। चांपा, बालोद और सरोना स्टेशन पर यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छ परिसर, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक यात्री सुविधाएं और उन्नत अधोसंरचना उपलब्ध कराई गई है। इन सुविधाओं से यात्रियों को स्टेशन परिसर में अधिक आराम और सुविधा मिलेगी।

रेल विकास से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि रेलवे केवल यात्रा का साधन नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के विकास से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

डबल इंजन सरकार में रेल परियोजनाओं को रफ्तार Chhattisgarh Railway Development

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। नई रेल परियोजनाओं, रेल लाइनों के दोहरीकरण, विद्युतीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत करेगा।

यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव

आधुनिक सुविधाओं से विकसित किए गए इन स्टेशनों से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं मिलेंगी। बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ सफाई, सुरक्षा और सुगम आवागमन की व्यवस्था मजबूत होगी। रेलवे स्टेशनों के इस बदलाव से न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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