छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Paddy Procurement : 15 नवंबर से छत्तीसगढ़ में शुरू होगी धान खरीदी, सीएम विष्णु देव साय ने की घोषणा, एग्रीस्टैक पोर्टल बना किसानों का डिजिटल सहायक

Chhattisgarh Paddy Procurement : छत्तीसगढ़ में किसानों की प्रतीक्षा अब खत्म होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी करेगी। उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर भुगतान और खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

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एग्रीस्टैक पोर्टल बना धान खरीदी का आधार

राज्य सरकार ने इस वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान पंजीकरण या तकनीकी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि एग्रीस्टैक छत्तीसगढ़ में “डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन” की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में धान खरीदी और भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह पेपरलेस और ट्रेसएबल बनाएगा।

अब तक 21.47 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण

इस साल अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है। पिछले वर्ष यह संख्या 25.49 लाख किसानों तक पहुंची थी, जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान (Chhattisgarh Paddy Procurement) बेचा था। राज्य सरकार ने शेष किसानों से अपील की है कि वे 31 अक्टूबर 2025 तक अपने नजदीकी सहकारी समिति या खरीदी केंद्र में जाकर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करें। सभी जिला कलेक्टरों और समितियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं ताकि कोई किसान छूट न जाए।

पिछले साल बनी थी धान खरीदी की ऐतिहासिक रिकॉर्ड

पिछले खरीफ सीजन में राज्य ने धान खरीदी का इतिहास रच दिया था। 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कर राज्य ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। इसमें मोटा धान 81.98 लाख टन, पतला धान 10.75 लाख टन, और सरना धान 56.52 लाख टन शामिल थे। उस दौरान खरीदी का सिलसिला 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक चला था। कुल 25 लाख 49 हजार किसानों ने अपनी उपज बेची थी और सरकार ने 31,089 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिंकिंग प्रणाली के तहत किया था।

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धन्य रहे ये जिले – खरीदी में बने अव्वल

महासमुंद जिला: 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी कर रहा पहले स्थान पर। बेमेतरा जिला: 9.38 लाख मीट्रिक टन के साथ दूसरे स्थान पर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला: 8.56 लाख मीट्रिक टन खरीदी (Chhattisgarh Paddy Procurement) कर रहा तीसरे स्थान पर। राज्य सरकार का कहना है कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया को और तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाएगा ताकि किसानों को लाइन, देरी या भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो।

कृषि में डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता किसान है। धान खरीदी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर, किसानों को उनके अधिकार का मूल्य समय पर और सुरक्षित तरीके से दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक जैसी पहलें आने वाले वर्षों में कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी।

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