Chhattisgarh Literary Festival : जहां शब्द बनेंगे आवाज़, तीन दिनों तक नवा रायपुर में गूंजेगा साहित्य का उत्सव

Chhattisgarh Literary Festival

Chhattisgarh Literary Festival

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन (Chhattisgarh Literary Festival) में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श का एक जीवंत केंद्र बनेगा, जहां देशभर के लेखक, विचारक, कलाकार और पाठक एक साथ संवाद करते नजर आएंगे।

इस साहित्य उत्सव में देश और प्रदेश के करीब 120 प्रतिष्ठित साहित्यकार भाग लेंगे। कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर चर्चा होगी। भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, नवजागरण, इतिहास के संदर्भ में साहित्य, भाषा और शिक्षा जैसे विषयों पर गहन विमर्श इस आयोजन की खास पहचान होंगे।

कार्यक्रम में नाट्य शास्त्र, कला परंपरा, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र (Chhattisgarh Literary Festival) में रहेंगे। डिजिटल युग में लेखन और पाठकों की भूमिका तथा प्रकाशन जगत की चुनौतियों पर भी संवाद किया जाएगा।

आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 23 जनवरी को साहित्य उत्सव का उद्घाटन होगा, जबकि 25 जनवरी को इसका समापन किया जाएगा। आयोजन के दौरान चर्चित नाटक का मंचन, विशेष काव्य-पाठ और सिनेमा से जुड़े संवाद भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

सत्रों के लिए चार अलग-अलग मंडप तैयार किए गए हैं, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ और देश के प्रमुख साहित्यकारों के नाम पर किया गया है। आयोजन स्थल पर एक विशाल पुस्तक मेला भी लगेगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कई प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। स्थानीय साहित्यकारों और विद्यार्थियों की रचनाओं को भी विशेष मंच दिया जाएगा।

युवा रचनाकारों और लोक कलाकारों के लिए टैलेंट ज़ोन बनाया (Chhattisgarh Literary Festival) गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। दर्शकों की सुविधा के लिए निःशुल्क परिवहन, खान-पान, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 को छत्तीसगढ़ की बौद्धिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत के सशक्त प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन साहित्य के माध्यम से संवाद, संवेदना और सृजनशीलता को नई दिशा देने का प्रयास है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा।