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Chhattisgarh Liquor Scam : सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव की जेल से रिहाई, चालान पेश होते ही बदला खेल

छत्तीसगढ़ की सबसे ताकतवर महिला अफसर रही सौम्या चौरसिया के लिए आज की शाम बड़ी राहत (Chhattisgarh Liquor Scam) लेकर आई। रायपुर सेंट्रल जेल की दहलीज से बाहर कदम रखते ही सौम्या और केके श्रीवास्तव की करीब 16 महीने लंबी कैद पर फिलहाल विराम लग गया है। ये रिहाई इत्तेफाक नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के उस ‘टाइम बम’ आदेश का नतीजा है, जो ईओडब्ल्यू (EOW) के चालान पेश करते ही फटना था।

चालान का ‘शर्त’ और रिहाई का ‘कनेक्शन’ (Chhattisgarh Liquor Scam)

सौम्या चौरसिया की जमानत की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। हाईकोर्ट ने उन्हें पहले ही बेल दे दी थी, लेकिन एक ऐसी पेचीदा शर्त लगा दी थी कि वे जेल से बाहर नहीं आ पा रही थीं। कोर्ट ने साफ कहा था कि जिस दिन जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू कोर्ट में इस शराब घोटाले का चालान पेश करेगी, उसी दिन सौम्या जेल की सलाखों से बाहर निकल पाएंगी। आज जैसे ही 1500 पन्नों का 8वां पूरक चालान कोर्ट की टेबल पर पहुंचा, सौम्या की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।

‘तांत्रिक’ नहीं ‘भक्त’ हूं, केके श्रीवास्तव की सफाई

जेल से बाहर आते ही केके श्रीवास्तव एक अलग अवतार में नजर आए। बढ़ी हुई दाढ़ी और बाल देखकर जब लोगों ने सवाल किया, तो उन्होंने दो-टूक कहा – “मैं तांत्रिक नहीं हूं, पूजा-पाठ करने वाला इंसान (Chhattisgarh Liquor Scam) हूं।” उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल से अपने पुराने और निजी रिश्तों की बात तो मानी, लेकिन ये भी साफ कर दिया कि उनके संबंध पार्टी के आधार पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया, इसलिए उन्हें किसी का डर भी नहीं है।

1500 पन्ने, 51 आरोपी और 3100 करोड़ का खेल

ईओडब्ल्यू ने जो 1500 पन्नों का नया पुलिंदा कोर्ट में रखा है, उसमें सौम्या चौरसिया को शराब सिंडिकेट का ‘सुरक्षा कवच’ बताया (Chhattisgarh Liquor Scam) गया है। एजेंसी का आरोप है कि सौम्या ने अपने पद की ताकत का इस्तेमाल कर नकली होलोग्राम वाली शराब बिकवाई, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगी। इस घोटाले की रकम अब 2000 करोड़ से बढ़कर 3100 करोड़ तक पहुंच गई है।

अब आगे क्या?

सौम्या चौरसिया की रिहाई ने छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हालांकि, ये जमानत सशर्त है और उन्हें जांच में सहयोग (Chhattisgarh Liquor Scam) करना होगा। फिलहाल, रायपुर जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ और गाड़ियों का काफिला ये बताने के लिए काफी है कि भले ही पद छिन गया हो, लेकिन सौम्या चौरसिया का रसूख आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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