Chhattisgarh Gold Reserve : सोने की चमक से जगमगाया महासमुंद, खदान की नीलामी फिर शुरू

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित करणखोल-राचपालपुर क्षेत्र इन दिनों अचानक सुर्खियों (Chhattisgarh Gold Reserve) में है। वजह है यहां जमीन के नीचे मिला सोने का भंडार, जिसने न केवल प्रशासन बल्कि खनन कंपनियों की दिलचस्पी भी बढ़ा दी है। लंबे समय से ठहरी प्रक्रिया अब फिर रफ्तार पकड़ चुकी है, और इस बार सरकार पूरी तैयारी के साथ नीलामी को अंजाम देने में जुटी है।
दरअसल, Geological Survey of India (GSI) द्वारा अगस्त 2025 में किए गए विस्तृत सर्वे के दौरान करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सोने की मौजूदगी की पुष्टि की गई थी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक यहां 300 किलो से अधिक सोने का भंडार मौजूद है। यही वजह है कि इस क्षेत्र को अब राज्य के महत्वपूर्ण खनिज जोन के रूप में देखा जा रहा है।
नीलामी प्रक्रिया को मिली नई दिशा (Chhattisgarh Gold Reserve)
पहले भी इस खदान की नीलामी की कोशिश की गई थी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रतिस्पर्धा नहीं मिल पाई। केवल दो कंपनियों ने रुचि दिखाई, जिसके चलते प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा। इस बार नियमों में कुछ बदलाव करते हुए प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां भाग ले सकें।
सूत्रों के मुताबिक, इच्छुक कंपनियों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 26 अप्रैल तय (Chhattisgarh Gold Reserve) की गई है। इसके बाद 27 अप्रैल को बोली प्रक्रिया पूरी होगी और सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को खदान संचालन का अधिकार दिया जाएगा।
राज्य को बड़े राजस्व की उम्मीद
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस नीलामी से करीब 100 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इससे न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि खनन आधारित उद्योगों को भी नया बल मिलेगा।
इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। खनन गतिविधियों के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होने की उम्मीद है, जिसमें सड़क, बिजली और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
क्षेत्रीय विकास की नई संभावनाएं
महासमुंद का यह इलाका अब सिर्फ एक साधारण ग्रामीण क्षेत्र नहीं रह (Chhattisgarh Gold Reserve) गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के खनिज मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है। खनिज संसाधनों के दोहन के साथ-साथ यहां निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
कबीरधाम में भी तेज हुई खनन गतिविधियां
इसी क्रम में कबीरधाम जिले के सोहागपुर क्षेत्र में स्थित लाइमस्टोन खदान और खारा क्षेत्र की आयरन ओर खदान की नीलामी भी जारी है। इन परियोजनाओं को लेकर भी कंपनियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, और इनकी प्रक्रिया पांच मई तक पूरी होने की संभावना है।



