छत्तीसगढ़

Chhattisgarh E-Driving Test : अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाना होगा हाईटेक, आठ जिलों में ई-ट्रैक से होगी सटीक जांच, भ्रष्टाचार पर लगेगा ब्रेक

Chhattisgarh E-Driving Test : छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग अब ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूरी तरह हाईटेक बनाने जा रहा है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर राज्य के आठ प्रमुख जिलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (E-Track) की स्थापना की जा रही है। इस पहल से छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जहां ड्राइविंग परीक्षण पूरी तरह डिजिटल तकनीक से होगा।

https://youtu.be/b44mIm5iYlw

ई-ट्रैक से टेस्ट होंगे निष्पक्ष और पूरी तरह डिजिटल

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ई-ट्रैक प्रणाली (Chhattisgarh E-Driving Test) में मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम किया गया है ताकि ड्राइविंग परीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। इन ट्रैकों में अत्याधुनिक डिजिटल सेंसर, ऑटो-कैमरे और कंट्रोल मॉड्यूल लगाए गए हैं, जो वाहन की गति, सिग्नलिंग, लेन अनुशासन और नियंत्रण की हर गतिविधि का स्वतः मूल्यांकन करेंगे। इस प्रणाली से न केवल ड्राइविंग क्षमता का सही आकलन हो सकेगा, बल्कि गलत मूल्यांकन और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त होंगी। परिणाम रियल टाइम में दर्ज होंगे और योग्य अभ्यर्थियों को तुरंत सूचित किया जाएगा।

स्मार्ट ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम

परिवहन मंत्री ने कहा कि यह कदम न केवल सड़कों को सुरक्षित बनाएगा बल्कि राज्य में स्मार्ट और जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती देगा। ई-ट्रैक प्रणाली के लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, स्मार्ट और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जा रहे हैं।”

https://youtu.be/Ka8i0TUrhRM

ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल लाइसेंस की सुविधा भी

परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने बताया कि ई-ट्रैक प्रणाली (Chhattisgarh E-Driving Test) शुरू होने के बाद अभ्यर्थी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग कर सकेंगे। सफल ड्राइविंग टेस्ट के बाद उम्मीदवारों को डिजिटल फीडबैक और इलेक्ट्रॉनिक ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। यह प्रणाली योग्य चालकों को प्रमाणित करने, जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी तकनीकी पहल है।

Related Articles

Back to top button