Chhattisgarh Assembly Budget Session : विधानसभा में बड़ा फैसला, धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2006 वापस, तीन अहम संशोधन बिल सर्वसम्मति से पास

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को सरकार ने एक अहम राजनीतिक और विधायी निर्णय (Chhattisgarh Assembly Budget Session) लेते हुए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक 2006 को वापस ले लिया।
यह फैसला राज्यपाल द्वारा विधेयक लौटाए जाने के बाद विचार-विमर्श के उपरांत लिया गया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में इस विधेयक पर विचार का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद आसंदी ने सरकार को इसे वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी।
एक के बाद एक संशोधन विधेयक हुए पारित
विधानसभा में इसके बाद अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर तेजी से कार्रवाई हुई। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 के पुनर्स्थापन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रस्ताव प्रस्तुत (Chhattisgarh Assembly Budget Session) किए। इन दोनों विधेयकों को भी सदन में बिना विरोध के मंजूरी मिल गई।
सर्वसम्मति से पारित होने के पीछे क्या संकेत?
लगातार तीन संशोधन विधेयकों का बिना विरोध पारित होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कुछ विधायी मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच सहमति बनी हुई है, भले ही अन्य विषयों पर टकराव देखने को मिल रहा हो।
अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू, विपक्ष रहा दूर
इन विधायी प्रक्रियाओं के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से जुड़ी अनुदान मांगों पर सदन में चर्चा (Chhattisgarh Assembly Budget Session) शुरू हुई। हालांकि इस चर्चा में विपक्ष ने हिस्सा नहीं लिया, जिससे सदन का माहौल एकतरफा नजर आया।
राजनीतिक मायने क्या हैं?
धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक को वापस लेने का फैसला आने वाले समय में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है। वहीं अन्य विधेयकों का सर्वसम्मति से पारित होना सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।



