Chaitanya Baghel Bail : शराब घोटाला केस में 170 दिन बाद बिट्टू जेल से रिहा, भीड़ से सड़कें जाम
Chaitanya Baghel Bail
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए।
जेल से रिहाई के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे शहर की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यह पूरा घटनाक्रम (Chaitanya Baghel Bail) को लेकर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
जेल से बाहर निकलते ही चैतन्य बघेल सीधे अपने घर के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में समर्थकों की भीड़ के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। जेल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में चैतन्य बघेल ने कहा कि वह न्यायालय का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
उन्होंने कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों का भी आभार जताया। यह बयान (Chaitanya Baghel Bail) के बाद सार्वजनिक रूप से सामने आया पहला आधिकारिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
चैतन्य बघेल की रिहाई से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम को भावनात्मक संदर्भ से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था और आज पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है।
भूपेश बघेल खुद रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और बेटे को रिसीव करने के लिए स्वयं कार चलाकर वहां पहुंचे। इस दृश्य ने (Chaitanya Baghel Bail) को राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों ही स्तरों पर खास बना दिया।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज किया गया था। ED ने चैतन्य बघेल को जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद सितंबर में ACB ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में उन्हें तब गिरफ्तार किया, जब वे पहले से ही जेल में बंद थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे राज्य के सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। इस पूरे मामले में (Chaitanya Baghel Bail) को एक अहम कानूनी मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
ED के अनुसार, चैतन्य बघेल इस कथित शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने लगभग 1,000 करोड़ रुपये के लेन-देन को व्यक्तिगत रूप से संभाला। वहीं ACB का आरोप है कि घोटाले में हिस्सेदारी के रूप में चैतन्य बघेल को करीब 200 से 250 करोड़ रुपये मिले।
एजेंसियों का दावा है कि पूरे शराब घोटाले की कुल राशि 3,200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इन गंभीर आरोपों के बीच हाईकोर्ट से मिली जमानत ने (Chaitanya Baghel Bail) को राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
बेटे को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।
इस दौरान समर्थकों ने जेल के बाहर और शहर के कई हिस्सों में पटाखे फोड़कर खुशी जताई। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि जमानत मिलने का मतलब मामले का अंत नहीं है और जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, शराब घोटाला केस में चैतन्य बघेल की रिहाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। (Chaitanya Baghel Bail) अब केवल एक कानूनी घटनाक्रम नहीं, बल्कि आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श का बड़ा विषय बनता दिख रहा है।
