Rare Minerals : जमीन के नीचे छिपे खनिजों ने बढ़ाई हलचल, जमुई में सोना मिलने के संकेत से तेज हुई तैयारी

बिहार में दुर्लभ खनिजों को लेकर अचानक चर्चाओं का दौर तेज (Rare Minerals) हो गया है। खासकर जमुई जिले के सोनो इलाके का नाम सामने आने के बाद स्थानीय लोगों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल बढ़ी हुई है। कई इलाकों में सर्वे गतिविधियां चल रही हैं और खनिज संपदा को लेकर नई संभावनाओं की बातें सामने आ रही हैं। दक्षिणी बिहार के कई क्षेत्रों में टीमों की आवाजाही भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि बिहार के अलग अलग हिस्सों में महत्वपूर्ण खनिज तत्वों के संकेत मिले हैं। अब इन खनिजों के व्यावसायिक उपयोग और खनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए कई ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है।
जमुई में सोने के संकेत : Rare Minerals
खान और भू तत्व विभाग के मुताबिक जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में सोने के भंडार होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल वहां सर्वेक्षण का काम जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
14 ब्लॉक की होगी नीलामी
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने दुर्लभ खनिजों से जुड़े 14 ब्लॉक चिन्हित किए हैं। इन ब्लॉकों की नीलामी जल्द शुरू किए जाने की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में मिले खनिज संकेत
बांका जिले में कोबाल्ट और तांबे के भंडार मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं भागलपुर के बटेश्वरस्थान इलाके में दुर्लभ मृदा तत्वों के संकेत मिले हैं। रोहतास और नवादा जिलों में भी खनिज संभावनाओं को लेकर तैयारी चल रही है।
आधुनिक तकनीक से हो रहा सर्वे
खनिज खोज के लिए हवाई सर्वेक्षण, उपग्रह चित्रण और जमीनी अध्ययन किए (Rare Minerals) जा रहे हैं। पुराने आंकड़ों का विश्लेषण कर नए क्षेत्रों की भी जांच की जा रही है।
कई आधुनिक उपकरणों में होता है उपयोग
दुर्लभ खनिजों का इस्तेमाल मिसाइल, लड़ाकू विमान, ड्रोन, मोबाइल, लैपटॉप, कैमरा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे आधुनिक उपकरणों में किया जाता है। इसी वजह से इन खनिजों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
20 मई के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
मिली जानकारी के अनुसार 20 मई के बाद कुछ चिन्हित खनन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आगे (Rare Minerals) बढ़ाई जाएगी। इसके लिए खनन बोलियां भी आमंत्रित की जा चुकी हैं।



