छत्तीसगढ़

CG RERA Latest Decision : छत्तीसगढ़ RERA का सख्त फैसला…आबंटी को देना होगा रखरखाव शुल्क और विकास लागत…

CG RERA Latest Decision : छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय अनुशासन को सख्ती से लागू करते हुए एक अहम आदेश जारी किया है। इस आदेश में एक आबंटी (फ्लैट खरीदार) को लंबित रखरखाव शुल्क और विकास लागत प्रमोटर को चुकाने का निर्देश दिया गया है।

क्या है मामला?

आरईआरए के अनुसार, संबंधित आबंटी को

75,600 का रखरखाव शुल्क

और 4,77,744 की विकास लागत

तत्काल भुगतान(CG RERA Latest Decision) करना होगा। यह राशि समझौते के अनुसार पहले से देय थी, लेकिन बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

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यहां आप अपनी लाइन जोड़ सकते हैं:

“कई बार लोग फ्लैट ले लेते हैं लेकिन उसके साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर देते हैं। ये फैसला ऐसे ही सभी को चेतावनी है।”

रेरा ने क्या कहा?

जब तक परियोजना का पूरा हस्तांतरण हाउसिंग सोसायटी को नहीं होता, तब तक रखरखाव की जिम्मेदारी प्रमोटर की होती है।

लेकिन उस अवधि के लिए रखरखाव शुल्क देना आबंटी(CG RERA Latest Decision) की जिम्मेदारी है।

विकास लागत भी खरीदारों द्वारा अनुबंध के अनुसार अदा की जानी चाहिए।

यह फैसला क्यों है खास?

प्रमोटरों को मिल रहा है संरक्षण, जो अब तक खरीदारों की देरी के कारण परियोजनाओं में बाधा महसूस कर रहे थे।

आबंटियों के लिए चेतावनी, कि RERA अब केवल प्रमोटर को नहीं, खरीदारों को भी जवाबदेह मान रहा है।

यह आदेश रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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RERA ने साफ कहा है कि खरीदार और प्रमोटर दोनों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।एकतरफा उम्मीदों से रियल एस्टेट सिस्टम में असंतुलन आता है। इस फैसले से साफ है कि अब ऐसे मामलों में खरीदारों(CG RERA Latest Decision) को भी सतर्क रहना होगा।

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