
छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती–पदोन्नति नियमों में किए गए बदलाव को लेकर प्रदेशभर में असंतोष गहराता (CG Recruitment Promotion Rules) जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नए भर्ती पदोन्नति नियमों का राजपत्र प्रकाशित होते ही शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। शालेय शिक्षक संघ ने इन नियमों को बहुसंख्यक शिक्षक एलबी संवर्ग के खिलाफ बताते हुए इसे उनके हितों पर सीधा कुठाराघात करार दिया है।
संघ का कहना है कि नया नियम वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक एलबी संवर्ग की वरिष्ठता और पूर्व सेवा को नजरअंदाज करता है। आरोप लगाया गया है कि गुपचुप तरीके से किए गए इस बदलाव का उद्देश्य एक विशेष संवर्ग को लाभ पहुंचाना है, जबकि विभाग में सबसे अधिक संख्या में कार्यरत एलबी संवर्ग को पदोन्नति के स्वाभाविक अवसरों से वंचित किया जा रहा है। नए नियमों में पदोन्नति के स्थान पर सीधी भर्ती को बढ़ावा देने को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी है।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने सवाल उठाया कि अचानक भर्ती–पदोन्नति नियमों में बदलाव की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि जब भी नियमों में संशोधन (CG Recruitment Promotion Rules) किया जाए, उससे पहले संगठनों से सुझाव लिया जाना चाहिए था, लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उनका आरोप है कि शिक्षक एलबी संवर्ग की वर्षों की सेवा को शून्य मानकर उनके अधिकारों को खत्म करने की कोशिश की गई है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि नए नियमों के जरिए शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रशासनिक पदों से दूर रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि बीईओ और एबीईओ जैसे पदों में किए गए कोटा परिवर्तन तथा उच्च पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर सीमित हो रहे हैं। इससे वर्षों से विभाग में कार्यरत अधिकारियों का भविष्य प्रभावित होगा।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत 1995 से शिक्षाकर्मी के रूप में दी गई सेवा की गणना नहीं की जा रही है, जिससे क्रमोन्नति, पदोन्नति और पेंशन जैसे लाभों पर भी असर पड़ेगा। संघ ने इसे पूर्व सेवा गणना के आंदोलन पर विराम लगाने (CG Recruitment Promotion Rules) की साजिश बताया है। शिक्षकों का दावा है कि लगभग तीन दशक बाद मिले प्राचार्य पद के अवसरों को भी इस नियम के जरिए समाप्त करने की कोशिश की गई है।
शालेय शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि नए भर्ती–पदोन्नति नियमों में तत्काल संशोधन किया जाए और संशोधन से पहले संगठन के प्रतिनिधिमंडल से सुझाव लिए जाएं, ताकि शिक्षक एलबी संवर्ग के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।



