CG Minister Convoy Attack : CG में हड़कंप…मंत्री के काफिले पर पत्थरबाजी, चार नाबालिग पकड़े गए, फिर मंत्री ने लिया बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री के काफिले पर पत्थर लगने की घटना (CG Minister Convoy Attack) सामने आई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए और मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि बाद में जांच में जो सच सामने आया, उसने पूरी कहानी का रुख बदल दिया।
घटना सोमवार रात की है, जब लखन लाल देवांगन एक कार्यक्रम में शामिल होने मानिकपुर चौकी क्षेत्र स्थित साहू समाज भवन पहुंचे थे। इसी दौरान उनके काफिले में खड़ी एक गाड़ी पर अचानक पत्थर आकर लगा, जिससे सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी तुरंत अलर्ट हो गए और पूरे इलाके में हलचल मच गई।
अचानक हुई घटना से बढ़ी सुरक्षा हलचल (CG Minister Convoy Attack)
पत्थर लगने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत आसपास के इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और जवानों की सक्रियता (CG Minister Convoy Attack) बढ़ा दी गई। क्योंकि मंत्री का काफिला था, इसलिए इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर घटना माना गया और हर एंगल से जांच शुरू की गई।
चार नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा
जांच के दौरान पुलिस ने मौके के आसपास मौजूद चार नाबालिगों को पकड़कर चौकी लाया और उनसे पूछताछ शुरू की। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की तो मामला कुछ और ही निकला।
खेल-खेल में हुई थी घटना
पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साजिश या जानबूझकर किया गया हमला नहीं था। दरअसल, बच्चे भवन के पास खेल रहे थे और खेलते-खेलते उन्होंने पत्थर उछाला, जो अनजाने में मंत्री के काफिले में खड़ी गाड़ी पर जा लगा। इस खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि यह घटना सुरक्षा में किसी बड़ी चूक या हमले का मामला नहीं निकली।
मंत्री के हस्तक्षेप से बदला फैसला
जब इस घटना की जानकारी मंत्री लखन लाल देवांगन (CG Minister Convoy Attack) को मिली, तो उन्होंने खुद मानिकपुर चौकी में फोन कर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह बच्चों की गलती नहीं बल्कि एक अनजानी घटना है और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें छोड़ दिया जाए। मंत्री के इस मानवीय रवैये के बाद पुलिस ने सभी नाबालिगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
पुलिस ने क्या कहा
चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने बताया कि जांच में किसी भी तरह की साजिश या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। यह पूरी तरह एक आकस्मिक घटना थी। हालांकि एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।



