CG Disability Quota Notification : धारा 34 के तहत दिव्यांगजनों को आरक्षण, राज्य सरकार ने राजपत्र में किया प्रकाशन, पदों का चिन्हांकन जारी
CG Disability Quota Notification
दिव्यांगजनों को आरक्षण देने के मुद्दे पर राज्य सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राजपत्र में अधिसूचना जारी की है। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी प्रकाशन में स्पष्ट (CG Disability Quota Notification) किया गया है कि राज्य सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, आयोगों और बोर्डों में समूह ‘प्रथम’, ‘द्वितीय’, ‘तृतीय’ और ‘चतुर्थ’ श्रेणी के पदों का चिन्हांकन धारा 34 के तहत किया जाएगा। यह प्रावधान दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप लागू किया जा रहा है।
राजपत्र के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के तहत सचिव, समाज कल्याण विभाग की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने 23 मार्च 2026 को विभिन्न विभागों के पदों का परीक्षण कर दिव्यांगता की उपयुक्त श्रेणियों के अनुसार चिन्हांकन सूची की अनुशंसा की। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष 24 फरवरी 2026 को इस सूची को अनुमोदन प्राप्त हुआ। अब संलग्न परिशिष्ट “क” के अनुसार विभिन्न विभागों में चिन्हांकित पद तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी पोषक वर्ग (Feeder Cadre) का पद दिव्यांगजन के लिए चिन्हांकित है तो उसका पदोन्नत पद भी स्वमेव उसी श्रेणी के अंतर्गत (CG Disability Quota Notification) माना जाएगा। नियुक्ति के समय राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा शारीरिक दक्षता परीक्षण और दिव्यांगता प्रमाण पत्र की सत्यता की पुष्टि अनिवार्य होगी। सीधी भर्ती में केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी प्रमाण पत्र धारक बेंचमार्क दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों को ही आरक्षण का लाभ मिलेगा।
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब इस विषय को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। आयुर्वेद स्नातक डॉ. रितेश तिवारी ने अधिवक्ता संदीप दुबे और ज्योति चंद्रवंशी के माध्यम से याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि राज्य में पुराने अधिनियम के तहत ही आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि संसद द्वारा 2016 में संशोधित कानून में दिव्यांगता की 17 श्रेणियां शामिल की गई हैं। मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से यह तर्क रखा गया था कि नई अधिनियम व्यवस्था के अनुरूप पदों का चिन्हांकन और आरक्षण लागू न होने से दिव्यांग अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है, साथ ही रिक्त पदों को कैरी फॉरवर्ड (CG Disability Quota Notification) नहीं किया जा रहा। अब राजपत्र प्रकाशन के साथ राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित प्रावधानों के अनुरूप पदों का चिन्हांकन किया गया है और व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दिव्यांगजनों को सरकारी सेवाओं में अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासनिक स्पष्टता आएगी। आने वाले समय में विभागीय स्तर पर इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
