CG Board 12th Topper : ओमनी वर्मा ने रचा इतिहास, मजदूर की बेटी बनी प्रदेश में दूसरी टॉपर

बेमेतरा में आज सुबह से ही एक घर के बाहर भीड़ लगी रही। CG Board 12th Topper की खबर जैसे ही सामने आई, लोगों को यकीन नहीं हुआ कि मजदूर परिवार की बेटी ने इतना बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। पड़ोसी, रिश्तेदार और जानने वाले सभी लोग बधाई देने पहुंचने लगे, और हर कोई उसकी मेहनत की कहानी जानना चाहता था।

ओमनी के घर का माहौल भावुक कर देने वाला था। मां की आंखों में खुशी और संघर्ष दोनों झलक रहे थे, वहीं आस पास के लोग कह रहे थे कि ये सिर्फ एक रिजल्ट नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। CG Board 12th Topper बनकर ओमनी ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, इरादा मजबूत हो तो रास्ता खुद बनता है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर (CG Board 12th Topper)

कहते हैं कि होनहार बच्चे शुरुआत से ही अलग नजर आते हैं और ओमनी वर्मा ने इसे सच कर दिखाया। बेमेतरा की इस छात्रा ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया। वह Swami Atmanand Government Hindi Medium School की छात्रा हैं और अपनी मेहनत से परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

ओमनी एक साधारण मजदूर परिवार से आती हैं। उनके पिता कमोद वर्मा राइस मिल में मजदूरी कर घर चलाते हैं। बड़े परिवार में छह बहनें और एक भाई हैं, जिसमें ओमनी पांचवें नंबर पर हैं। सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी और लगातार मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया।

CG Board 12th Topper बनने का पल

ओमनी ने बताया कि उन्हें अच्छे नंबर आने की उम्मीद जरूर थी, लेकिन प्रदेश में दूसरा स्थान मिलेगा, ऐसा उन्होंने कभी नहीं सोचा था। जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक उनके घर पहुंचे और परिवार को यह खुशखबरी दी। उस वक्त उनके पिता काम पर थे।

जब पिता को बेटी की सफलता के बारे में पता चला तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि उनकी बेटी एक दिन बड़ा नाम जरूर करेगी। उस पल ने पूरे परिवार को भावनाओं से भर दिया।

आगे का सपना और सोच

ओमनी आगे वाणिज्य विषय से पढ़ाई जारी रखना (CG Board 12th Topper) चाहती हैं और बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का लक्ष्य रखती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे की पढ़ाई को लेकर वह अपने पिता की राय को सबसे ऊपर रखेंगी। उनकी इस सफलता ने यह साफ कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत हौसले के सामने टिक नहीं पातीं। मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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