CG Assembly Session : ‘अपराध पर अंकुश नहीं’ घिरी सरकार…दूसरे मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने किया हंगामा

CG Assembly Session
रायपुर/नवप्रदेश। CG Assembly Session : विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष लगातार सरकार को घेरता दिख रहा है। एक और जहां शिक्षक भर्ती को लेकर मंत्री प्रेमसाय टेकाम को घेरा गया, वहीं अब गृह मंत्री की गैरमौजूदगी को मुद्दा बनाया जा रहा है। ध्यानाकर्षण ज्ञापन पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के हस्ताक्षर के बाद भी सदन में नहीं आने पर अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई।
विपक्ष ने लगाया जानबूझकर अनुपस्थिति का आरोप
दरअसल विपक्ष ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए धोखाधड़ी के मामले सामने लाए थे। अजय चंद्राकर ने प्रक्रिया के नियम का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जो गृह मंत्री सरकारी कामों में दस्तखत कर रहे हैं, तो उन्हें सदन में मौजूद रहने में क्या दिक्कत है? विपक्ष ने जानबूझ कर गैरहाजिर रहने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके कारण कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
गौरतलब है कि विपक्ष ने सदन में ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए छत्तीसगढ़ में धोखाधड़ी के बढ़ते मुद्दे को बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा और जेसीसी विधायक प्रमोद शर्मा ने उठाया।
ध्यानाकर्षण सूचना के ज़रिए विपक्ष ने पूछा कि प्रदेश में ठगी का मामले के संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान भी निरंतर बढ़ते ही जा रहा है। पूरी दुनिया में ठग गिरोहों के पास एक ही विकल्प ‘छत्तीसगढ़’। प्रदेश में ठग गिरोह संचालित है, जहां से लूटपाट की घटना पूरी तैयारी के साथ किया जाता है। ठग अब तक ठगी की कई घटना को अंजाम दे चुके हैं। इस प्रश्न पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की जगह मंत्री मो अकबर ने जवाब देना चाहा, जिस पर बीजेपी ने आपत्ति जताई। अजय चंद्राकर ने कहा कि ध्यानाकर्षण सूचना पर जब गृहमंत्री दस्तख़त कर सकते हैं तो फिर सदन में भी जवाब भी दे सकते हैं।
स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत (CG Assembly Session) ने जानकारी दी कि गृहमंत्री की तबियत ख़राब है। उन्होंने इसकी सूचना दी है। बीजेपी विधायकों के विरोध के बीच मंत्री शिव डहरिया की टिप्पणी पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। शोर शराबे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई है।
विपक्ष को कहना पड़ा इस विषय पर कोई प्रश्न नहीं पूछेंगे
मंत्री मो. अकबर ने कहा कि कोई भी ध्यानाकर्षण किसी स्पेसिफ़िक घटना पर लग सकता है, लेकिन जो ध्यानाकर्षण लगा है, जिसमें 29 घटनाओं का विवरण दिया गया है। पहले आसंदी ये तय कर दे कि इस पर जवाब दिया जा सकता है या नहीं?
अजय चंद्राकर ने कहा कि ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री शिव डहरिया की लगातार टिप्पणी आती रही। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में टिप्पणी होती रही। राज्य शासन के ध्यान में ये विषय आ चुका है। अब हम इस विषय पर कोई प्रश्न नहीं पूछेंगे।
क्रमशः घटना का विवरण
इसमें से 9/7/2022 को जिला रायपुर के तिल्दा-नेवरा थाना अंतर्गत सरफोंगा निवासी को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 3 लाख 50 हजार की ठगी की गई। यातायात पुलिस और कोर्ट के कर्मचारी बनकर लोगों से ठगी की जा रही है।
8/6/2022 जिला रायपुर के राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के प्रियदर्शनी नगर स्थित राम शाखा में फर्जी सिक्कों की एंट्री दिखाकर लगभग 5 करोड़ 60 लाख की ठगी की गई। एक किसान मनमोहन वर्मा से बीमा पॉलिसी के नाम पर 49 लाख रु की ठगी की गई।
7/6/2022 को जिला महासमुंद के सिटी कोतवाली अंतर्गत विनोद कमार ठगी की गयी। दिनांक 7/6/2022 को जिला महासमुंद के नदी और अन्य दो और लोगों से 3 लाख 80 हजार रू. की ठगी की गई। तंबोली, शशि कुमार तांडी एवं अन्य दो और लोगों से भी ठगी की गई।
इसके साथ ही विपक्ष (CG Assembly Session) ने कहा कि प्रदेश में ठगी के गिरोहों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। गिरोहों से पुलिस थाने में ही सेटेलमेंट कर रही है। पुलिस कई मामलों को थाने में ही रफादफा कर रही है। सरकार अपराध पर अंकुश लगाने में नाकामयाब हो रही है।