
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित (CG Assembly Budget 2026) कर दिया गया। उच्च शिक्षा मंत्री Tank Ram Verma ने सदन में बताया कि विभाग के लिए 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगों को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी।
प्रदेश में 25 नए कॉलेज भवन बनेंगे
मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे। इसके लिए करीब 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। वहीं 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
36 महाविद्यालयों को बनाया जाएगा उत्कृष्टता केंद्र
राज्य के चयनित शासकीय महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत कुल 36 महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित (CG Assembly Budget 2026) किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में 25 कॉलेजों और 2026-27 में 5 कॉलेजों के लिए प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा पर जोर
मंत्री ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए Khadgawan, Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur में बी.एड. (आईटीईपी) की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा Suhela, Balodabazar-Bhatapara में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।
नए विषय और पीजी कॉलेजों का विस्तार
राज्य के Sarguja University में नए विषय शुरू किए जाएंगे। वहीं रामचंद्रपुर और घरघोड़ा महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में उन्नत करने की योजना है।
NAAC मूल्यांकन और नई शिक्षा नीति
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राज्य में 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 राज्य विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन कराया (CG Assembly Budget 2026) जा चुका है। साथ ही National Education Policy 2020 के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट सिस्टम और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा देने का लक्ष्य
मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो और राज्य की प्रगति को नई दिशा मिल सके।



