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Centralized Exam 2026 District Committee: कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा 2026 हेतु जिला स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी

लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा कक्षा 5वीं एवं कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा 2026 के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए जिला स्तर पर जिला स्तरीय संचालन समिति का गठन (Centralized Exam 2026 District Committee) किया जाएगा। यह समिति प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी और परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का समन्वय, निगरानी एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

https://youtu.be/RE8PTahGt3Q

जिला स्तरीय संचालन समिति में जिला शिक्षा अधिकारी अध्यक्ष होंगे। समिति में डाइट प्राचार्य सदस्य, सहायक संचालक कार्यालय शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव, जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हायर सेकेण्डरी विद्यालय के प्राचार्य, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधान पाठक तथा संकुल समन्वयक सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। समिति का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की तैयारियों, केंद्रों की व्यवस्था, प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा कक्ष का प्रबंधन, मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग को समयबद्ध तरीके से संचालित करना है।

जिला स्तरीय संचालन समिति परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं के समन्वय, निगरानी एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाएगी। इसमें परीक्षा केंद्रों की पहचान, केंद्र पर्यवेक्षण, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा के दौरान अनुशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की उपस्थिति और मूल्यांकन की प्रक्रिया की समीक्षा शामिल होगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप सम्पन्न हो।

https://youtu.be/Q4JpTYnIrkM

कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा 2026 में राज्य के समस्त शासकीय विद्यालय, अनुदान प्राप्त विद्यालय तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध अशासकीय गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालयों (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम) के विद्यार्थी अनिवार्य रूप से सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) एवं आई.सी.एस.ई. से संबद्ध गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय इस केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल नहीं होंगे।

समिति के गठन से परीक्षा की तैयारी और संचालन में एक सुव्यवस्थित प्रणाली का निर्माण होगा, जिससे छात्रों के शैक्षिक स्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव होगा। साथ ही यह कदम शिक्षा प्रणाली में मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करेगा।

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