Bollywood Actor Career Break : एक साल का सन्नाटा क्यों? पंकज त्रिपाठी ने खुद खोला राज, बोले—‘इस जल्दी में मैं अपने काम से दूर हो रहा था’

Bollywood Actor Career Break

Bollywood Actor Career Break

बॉलीवुड में कई चेहरे आते हैं, कुछ जल्द हार मान लेते हैं, तो कुछ सालों की मेहनत के बाद अपनी अलग पहचान (Bollywood Actor Career Break) बनाते हैं। इसी दूसरी कतार में खड़े नज़र आते हैं पंकज त्रिपाठी, जिनका सफर छोटे रोल्स से शुरू होकर आज दमदार किरदारों तक पहुंचा है। ‘मिर्जापुर’ से लेकर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और हालिया ‘स्त्री 2’ तक, उनकी सादगी भरी अदाकारी ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।

लेकिन बीते साल जब वह अचानक फिल्मों और वेब सीरीज़ से दूर हो गए, तो फैंस के मन में सवाल उठने लगे—आखिर ऐसा क्या हुआ कि लगातार काम कर रहे एक्टर ने ब्रेक लेने का फैसला कर लिया?

हाल ही में Variety India को दिए एक इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने इस चुप्पी की असली वजह बताई। उन्होंने कहा कि वह लगातार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे और यह भागदौड़ धीरे-धीरे उन्हें अंदर से थका (Bollywood Actor Career Break) रही थी। काम का दबाव इतना बढ़ गया था कि अभिनय में पहले जैसा आनंद नहीं रह गया। उसी वक्त उन्होंने महसूस किया कि रुकना ज़रूरी है।

पंकज के शब्दों में,

“मैं लगातार काम कर रहा था, लेकिन मन से जुड़ाव कम हो रहा था। अगर मुझे किसी प्रोजेक्ट में सच में मजा नहीं आए, तो मैं अब घर से बाहर निकलना भी नहीं चाहता। इसीलिए ब्रेक लेना ज़रूरी लगा।”

इंटरव्यू में उन्होंने यह भी साफ किया कि अब वह ज़िंदगी के उस पड़ाव पर हैं, जहां संतुष्टि सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि वह केवल ईएमआई भरने या गुज़ारा चलाने के लिए एक्टिंग नहीं करना चाहते। काम की संख्या से ज़्यादा उसके मायने उनके लिए ज़रूरी हैं। यही वजह है कि अब वह किसी भी स्क्रिप्ट को हां कहने से पहले खुद से सवाल करते हैं – क्या यह किरदार उन्हें भीतर से कुछ देगा?

पंकज त्रिपाठी का मानना है कि भारतीय दर्शक सिनेमा को सबसे पहले मनोरंजन के लिए देखते हैं। इसलिए वह ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो एंटरटेनमेंट का पूरा पैकेज हों, लेकिन साथ ही दर्शकों तक कोई सोच, कोई संदेश भी पहुंचाएं।

उनका यह बयान इंडस्ट्री में चर्चा का विषय (Bollywood Actor Career Break) बना हुआ है, क्योंकि यह उस दबाव भरे माहौल पर रोशनी डालता है, जहां लगातार काम करना ही सफलता का पैमाना मान लिया जाता है। पंकज का यह ब्रेक दरअसल एक इशारा है कि रफ्तार से ज़्यादा ज़रूरी है सही दिशा।