BJP Organisational Election : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव का शेड्यूल जारी, 19 को नामांकन, 20 को घोषणा
BJP Organisational Election
पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लगता दिख रहा है। प्रक्रिया सामने है, संकेत (BJP Organisational Election) भी साफ हैं, लेकिन औपचारिक मुहर अभी बाकी है। सबकी नजर अब उस दिन पर टिकी है, जब नाम पर अंतिम फैसला सामने आएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया का कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया है। तय शेड्यूल के मुताबिक 19 जनवरी को नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 20 जनवरी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया लगभग निर्विरोध रहने की संभावना है।
पार्टी के मौजूदा नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट नितिन नबीन को इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। फिलहाल उनके खिलाफ किसी अन्य नाम के सामने आने की संभावना बेहद कम बताई (BJP Organisational Election) जा रही है, ऐसे में उनका बिना मुकाबले चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में होगा नामांकन
सूत्रों का कहना है कि नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी संभावित है। इसे संगठनात्मक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को चुनाव प्रक्रिया के लिए दिल्ली बुलाया गया है।
पार्टी के अंदरखाने इसे केवल औपचारिक चुनाव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीति और संगठनात्मक दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है। खासतौर पर लंबे कार्यकाल के बाद नेतृत्व में संभावित बदलाव को नई ऊर्जा के तौर पर पेश किया जा रहा है।
उम्र और जिम्मेदारी का नया संतुलन
यदि नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो वे 46 वर्ष की उम्र में पार्टी के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल होंगे। उनका कार्यकाल तीन साल (BJP Organisational Election) का होगा और इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जा रही है।
दिसंबर 2025 में वर्किंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभालने के बाद से उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 2029 का लोकसभा चुनाव उनकी नेतृत्व क्षमता की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाएगा। फिलहाल पार्टी के भीतर माहौल शांत है, लेकिन 20 जनवरी को होने वाला ऐलान भारतीय राजनीति में एक नई सियासी तस्वीर पेश कर सकता है।
