
विधानसभा चुनावों से पहले ही सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। तारीखों का ऐलान (BJP Election In Bengal) भले न हुआ हो, लेकिन दलों की रणनीति अब जमीन पर उतरने लगी है। इसी कड़ी में बीजेपी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के नेताओं को अहम मोर्चा सौंपा गया है।
रायपुर में सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए असम और पश्चिम बंगाल के लिए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मेदारियां दी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि वह इन राज्यों में चुनावी तैयारियों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
असम विधानसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को 10-10 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही दुर्ग से सांसद विजय बघेल को भी असम की 10 विधानसभा सीटों की कमान दी गई है।
बंगाल में भी छत्तीसगढ़ की मजबूत मौजूदगी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को बड़ी भूमिका (BJP Election In Bengal) दी गई है। बीजेपी के संगठन महामंत्री पवन साय को पश्चिम बंगाल का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ रायपुर पश्चिम से विधायक राजेश मूणत और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा भी बंगाल में पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूत करने का जिम्मा संभालेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ के नेताओं को अन्य राज्यों में जिम्मेदारी देना बीजेपी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत संगठनात्मक अनुभव और चुनावी प्रबंधन को राज्यों के बीच साझा किया जाता है। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती है और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
2026 में असम, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा (BJP Election In Bengal) चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में बीजेपी द्वारा अभी से जिम्मेदारियां तय करना यह साफ करता है कि पार्टी आने वाले चुनावों को लेकर पूरी तरह मोड में आ चुकी है।



