छत्तीसगढ़

Bijapur Education Transformation : बीजापुर के वीरान स्कूलों में लौटी ज़िंदगी…दो दशक बाद ‘क’ से ‘ककहरा’ की शुरुआत…

बीजापुर, 12 जून। Bijapur Education Transformation : बीजापुर जिले में शिक्षा की बंजर ज़मीन पर अब हरियाली लौट आई है। जिन स्कूलों में दो दशकों से केवल खामोशी पसरी थी, वहाँ अब बच्चों की चहचहाहट सुनाई देगी। राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण पहल ने शिक्षा के नक्शे पर बीजापुर को फिर से जगा दिया है।

अब कोई भी स्कूल नहीं रहेगा शिक्षकविहीन

जिला शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 78 शिक्षकविहीन स्कूलों में अब नियमित शिक्षक पदस्थ कर दिए गए (Bijapur Education Transformation)हैं। साथ ही 198 अतिशेष शिक्षकों में से 189 की नई पदस्थापना की जा चुकी है, जिससे जिले का कोई भी शासकीय स्कूल अब पूरी तरह शिक्षकविहीन नहीं है।

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जहां कभी ताले थे, वहां अब ताली बजेंगी

बीजापुर के जिन 76 स्कूलों में बरसों से कोई शिक्षक पदस्थ नहीं था—जैसे गुंडापुर, मुरकीपाड़, हिरमगुंडा और बोटेतोंग, वहाँ अब पहली बार शिक्षक भेजे गए हैं। ये इलाके केवल दुर्गम नहीं, बल्कि नक्सल प्रभाव से भी ग्रस्त रहे (Bijapur Education Transformation)हैं। इन स्थानों पर नियमित शिक्षकों की नियुक्ति सिर्फ व्यवस्था नहीं, बल्कि भरोसे की बहाली है।

विषयवार पढ़ाई होगी सुनिश्चित

एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में जहां सभी व्याख्याता पद रिक्त थे, वहाँ अब हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषयों के लिए व्याख्याता नियुक्त हो चुके हैं। इससे विद्यार्थियों को उनके विषयों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिलेगा और परीक्षा परिणामों पर सकारात्मक असर (Bijapur Education Transformation)पड़ेगा।

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एकल शिक्षक स्कूलों को भी मिला सहारा

44 एकल शिक्षक स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती की गई है ताकि शिक्षा का स्तर केवल न्यूनतम न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण हो। अन्य 63 शिक्षकों को सामान्य आवश्यकता वाले स्कूलों में भेजा गया है।

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