भिवंडी में गुरुवार देर रात अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घरों से बाहर निकल (Bhiwandi Building Collapse) आए। कुछ ही पलों में चार मंजिला इमारत देखते ही देखते मलबे में बदल गई। रात के अंधेरे में चीख पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव में जुट गए, जिसके बाद राहत एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं।
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, दमकल और अन्य बचाव दलों ने रातभर अभियान चलाया। इस दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 से 5 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
पहले ही खतरनाक घोषित की जा चुकी थी इमारत Bhiwandi Building Collapse
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार चार मंजिला इस भवन में कुल 48 कमरे थे और हर मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। निगम ने पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर दिया था। हादसे के समय भवन में मरम्मत का कार्य भी चल रहा था।
रात में दरारें पड़ने के बाद मचा हड़कंप
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे इमारत से तेज चटकने की आवाजें आने लगी थीं। कुछ लोगों ने दीवारों में दरारें भी देखीं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया और कई लोग मलबे में दब गए।
राहत और बचाव अभियान लगातार जारी Bhiwandi Building Collapse
घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल और फायर ब्रिगेड की टीमों ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे को हटाकर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
बिना अनुमति चल रहा था मरम्मत कार्य
कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि इमारत में मरम्मत का काम शुरू (Bhiwandi Building Collapse) किया गया था, लेकिन इसके लिए नगर निगम से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
