छत्तीसगढ़

Bharose ke Sammelan : भरोसे के सम्मेलन में नहीं आएंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे…CM ने बताई ये वजह

भिलाई/नवप्रदेश। Bharose ke Sammelan : भरोसे के सम्मेलन में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नही आएंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन के सांकरा में 21 मई को भरोसे का सम्मेलन आयोजित होने को था। इस सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल होने वाले थे। कार्यक्रम की तैयारी एवं समीक्षा के लिए 19 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन में बैठक लेने वाले थे, इसी बीच खबर आई कि कर्नाटक के मंत्रिमंडल गठन के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभी व्यस्त हैं। इसी वजह से  मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ नही आएंगे।

बता दें कि पाटन विधानसभा क्षेत्र में मल्लिकार्जुन खड़गे का यह प्रथम प्रवास है। उसके जोरदार स्वागत की भी तैयारी की जा रही थी। विश्राम गृह पाटन में शुक्रवार आयोजित होने वाले बैठक की तैयारी के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई थी। वहां पर बड़ी संख्या में आज भी कार्यकर्ता डटे हुए हैं।

पाटन में आयोजित हो रहा भरोसा का सम्मेलन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के पुण्यतिथि के अवसर पर दुर्ग जिले के पाटन में आयोजित भरोसा का सम्मेलन में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली किश्त की राशि जारी करेंगे। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों के कुल 5 लाख 63 हजार 576 हितग्राहियों को पहली किश्त के रूप में 112 करोड़ 71 लाख 52 हजार रूपए की राशि जारी की जाएगी।

योजना अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही के बैंक खाते में 2 हजार रूपए के मान से पहली किस्त की राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेश की ग्रामीण और शहरी आबादी का एक बड़ा वर्ग आजीविका के लिए कृषि आधारित मजदूरी पर निर्भर है। धान की फसल के दौरान कृषि मजदूरों के लिए रोजगार की पर्याप्त उपलब्धता रहती है। किंतु रबी फसल की बुआई का क्षेत्र कम होने के कारण कृषि मजदूरी के अवसर कम हो जाते हैं। गांव और शहरी क्षेत्रों में चरवाहा, बढ़ई, लोहार, नाई, धोबी और पौनी-पसारी से जुड़े परिवारों के लिए अन्य लोगों की अपेक्षा रोजगार की उपलब्धता सीमित होती है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक रूप से संबल देने के उददेश्य से राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शुरूआत वर्ष 2021-2022 में की। योजना के माध्यम से कृषि मजदूरों की ग्रामीण आबादी को लाभ मिल रहा था किंतु कृषि मजदूरों की शहरी आबादी योजना के लाभ से वंचित थी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 मार्च 2023 को राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ किया। राज्य के समस्त ग्राम पंचायत के साथ-साथ अब नगर पंचायत क्षेत्रों और सभी अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत बैगा-गुनिया, मांझी-पुजारी, हाट पहरिया, एवं बाजा मोहरिया को भी योजना में शामिल किया गया है।

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