Bharatmala Scam : 45 करोड़ रुपये के भारतमाला घोटाले में 9 लोग नामजद आरोपी

Bharatmala Project Scam

Bharatmala Project Scam

भारत माला परियोजना में हुए करीब 45 करोड़ रुपये के भूमि मुआवजा घोटाले (Bharatmala Scam) को लेकर सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी छापेमार कार्रवाई की। ईडी की टीम ने राजधानी रायपुर और महासमुंद जिले के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में हुई अनियमितताओं के आधार पर की गई है।

ईडी की लगभग 10 सदस्यीय टीम, करीब 50 सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा में चार गाड़ियों के काफिले के साथ अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। रायपुर के अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में मकान नंबर 118, महासमुंद में मेघ बसंत कॉलोनी, आर्यन होंडा एजेंसी, कुछ सरकारी अधिकारियों, जमीन मालिकों और जमीन दलालों के ठिकानों पर देर रात तक छानबीन की गई।

छापेमारी के दौरान ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, जमीन से संबंधित फाइलें और अन्य अहम कागजात जब्त किए हैं। टीम ने घोटाले से जुड़े कई लोगों से मौके पर ही पूछताछ भी की। हालांकि, अब तक ईडी की ओर से जब्ती को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

महिला तहसीलदार के पति जांच के घेरे में

इस मामले (Bharatmala Scam) में जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। हरमीत खनूजा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर रायपुर में पदस्थ तहसीलदार रविंदर कौर से विवाह किया है, जो हरमीत सिंह चावला की बेटी हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, खनूजा रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में फर्जीवाड़े का प्रमुख सूत्रधार है।

आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज, नकली बंटवारे और म्यूटेशन (नामांतरण) के जरिए जमीन का मुआवजा अवैध रूप से हासिल किया और रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। इस प्रक्रिया में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। इससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

पहले भी हो चुकी है ईओडब्ल्यू की कार्रवाई

इस मामले में 25 अप्रैल 2025 को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने हरमीत खनूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी। इसके बाद अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू करते हुए दोबारा बड़ी कार्रवाई की है।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित हरमीत खनूजा के ससुर हरमीत सिंह चावला के पास भी घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन के सबूत मिले हैं। हालांकि, दोनों कारोबारियों के ठिकानों से अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी पुष्टि एजेंसी ने नहीं की है।

ये हैं घोटाले (Bharatmala Scam) के नामजद आरोपी

गोपाल राम वर्मा, सेवानिवृत्त अमीन पटवारी
पता: ग्राम परसदा, मंदिरहसौद, रायपुर

नरेंद्र कुमार नायक, अमीन, जल संसाधन विभाग
पता: बड़े शिव मंदिर के पीछे, सुभाषनगर, कसारीडह, दुर्ग

उमा तिवारी
पता: बांसटाल बंधवातालाब, शंकर चौक, रायपुरा

केदार तिवारी
पता: बांसटाल बंधवातालाब, शंकर चौक, रायपुरा

हरमीत सिंह खनूजा
पता: मकान नंबर 118, ला-विस्टा, अमलीडीह

विजय कुमार जैन
पता: डी-11, पीएनटी कॉलोनी, टैगोर नगर, रायपुर

खेमराज कोशले
पता: ग्राम नायकबांधा, अभनपुर

पुनुराम देशलहरे
पता: ग्राम नायकबांधा, अभनपुर

भोजराम साहू
पता: ग्राम टोकरो, अभनपुर

कुंदन बघेल
पता: वार्ड नंबर 15, अभनपुर

अभियोग पत्र में शामिल अधिकारी

अभियोग पत्र में तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर निर्भय साहू, तत्कालीन हल्का पटवारी दिनेश पटेल, आरआई रोशन लाल वर्मा, तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, तत्कालीन हल्का पटवारी नायकबांधा जितेंद्र साहू, तत्कालीन पटवारी बसंती घृतलहरे, तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा लखेश्वर प्रसाद किरण और पटवारी लेखराम देवांगन के नाम भी शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। जांच पूरी होने के बाद भारत माला परियोजना से जुड़े इस बहु-करोड़ घोटाले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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