Bastar Development : नक्सलवाद खत्म होने के पीछे क्या है असली योजना, मुख्यमंत्री ने बस्तर को लेकर साफ की तस्वीर

जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बस्तर के विकास और भविष्य को लेकर राजनीतिक (Bastar Development) चर्चा तेज रही। लंबे समय से क्षेत्र में चल रहे अलग अलग दावों और आरोपों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर खास उत्सुकता दिखाई दी। बस्तर में बदलते माहौल और विकास योजनाओं को लेकर लोगों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। खासतौर पर नक्सलवाद खत्म करने और विकास योजनाओं को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी बस्तर के भविष्य और यहां की योजनाओं को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया दी।
विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री का जवाब : Bastar Development
जगदलपुर स्थित बादल अकादमी में आयोजित उजर बस्तर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने का उद्देश्य केवल उद्योगपतियों को बसाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद स्थानीय लोगों का जीवन बेहतर बनाना और क्षेत्र में शांति तथा विकास लाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा यह नैरेटिव तथ्यों से परे और भ्रामक है।
खेती को बनाया जा रहा विकास का आधार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की जमीन खेती के लिए काफी उपजाऊ है और यहां के लोग मेहनतकश (Bastar Development) हैं। सरकार की प्राथमिकता क्षेत्र में कृषि और उससे जुड़े रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है ताकि स्थानीय परिवारों की आय बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर को खेती, उद्यानिकी, वनोपज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी सोच के तहत मटनार और देउरगांव सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी (Bastar Development) दी गई है। करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं से लगभग 80 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को सालभर खेती करने, उत्पादन बढ़ाने और आय बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे।
विकास और विश्वास की ओर बढ़ता बस्तर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर अब भय और हिंसा की पहचान से बाहर निकलकर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ (Bastar Development) रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि यहां का विकास स्थानीय लोगों की जरूरतों, रोजगार और जनकल्याण को केंद्र में रखकर किया जाए ताकि हर परिवार बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सके।



