Bar Council Election Chhattisgarh : हाई कोर्ट नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित

Bar Council Election Chhattisgarh

Bar Council Election Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में Bar Council Election Chhattisgarh के निर्वाचित सदस्यों की सामान्य सभा की बैठक पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने रोक लगा दी है। निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से दायर याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसके बाद बीसीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन दायर कर दी है, जिससे हाई कोर्ट के नोटिस पर सुनवाई फिलहाल रोक दी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होने वाली है।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन

बीसीआइ के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि चुनाव के दौरान आरोपों की जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जांच में चुनाव में हो रहे संभावित अनियमितताओं, जैसे हार्स ट्रेडिंग और लग्जरी कार व पैसे बांटने की शिकायतों की समीक्षा की जाएगी।

हाई कोर्ट में याचिका और प्रारंभिक सुनवाई

बीसीआइ के निर्णय को चुनौती देते हुए बीपी सिंह, जेके त्रिपाठी, अशोक तिवारी, फैजल रिजवी, संतोष वर्मा, चंद्र प्रकाश जांगड़े समेत 19 निर्वाचित सदस्यों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच में हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनावों को अफवाह के आधार पर नहीं रोका जाना चाहिए।

निवर्तमान डिवीजन बेंच ने बीसीआइ को जवाब पेश करने के लिए दो दिन का समय दिया। बीसीआइ ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि वह सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन दायर कर चुकी है और 14 जनवरी को अपना जवाब पेश करेगी।

सामान्य सभा बैठक स्थगित, जांच का कारण

बीसीआइ ने अपने आदेश में बताया कि चुनाव के दौरान लग्जरी कार और पैसे बांटने की शिकायतें आई थीं। इन आरोपों के आधार पर सामान्य सभा की बैठक स्थगित कर दी गई और तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। बार काउंसिल आफ इंडिया का कहना है कि जांच से यह पता लगाया जाएगा कि चुनाव में हार्स ट्रेडिंग और अन्य अनियमितताएं हुई हैं या नहीं।