Balod Accident : सीवरेज लाइन के काम में बड़ा हादसा, मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत के बाद भड़का गुस्सा

बालोद जिले के दल्लीराजहरा इलाके में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। सीवरेज लाइन के काम के दौरान अचानक मिट्टी धंसने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। आसपास मौजूद लोगों ने मजदूरों को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन गहरे गड्ढे में दबे लोगों तक पहुंचना आसान नहीं था। देर रात तक घटनास्थल और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुटी रही।

हादसे के बाद मृतकों के परिजन और समाज के लोग अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। वहां लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। परिजनों का कहना था कि बिना सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों से काम कराया गया, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ। मुआवजे की मांग को लेकर माहौल देर रात तक तनावपूर्ण बना रहा।

सीवरेज लाइन के काम में हुआ हादसा : Balod Accident

दल्लीराजहरा में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। इसी दौरान मिट्टी धंस गई और तीन मजदूर गहरे गड्ढे में दब गए। हादसे में दो पुरुष और एक महिला मजदूर की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। बताया गया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे हादसा हुआ और देर रात तक शवों को बाहर निकाला गया।

12 फीट गहरे गड्ढे में कर रहे थे काम

स्थानीय लोगों के अनुसार मजदूर करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर पाइप फिटिंग का काम कर रहे थे। आरोप है कि वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो मिट्टी धंसने से बचाव के इंतजाम किए गए थे और न ही सुरक्षा बैरिकेडिंग लगाई गई थी।

मशीन की चेन टूटने के बाद धंसी मिट्टी (Balod Accident)

जानकारी के मुताबिक काम के दौरान चेन मोल्डिंग मशीन की चेन अचानक टूट गई। इसके बाद तेज झटके से मिट्टी भरभराकर नीचे गिर गई और मजदूर मलबे में दब गए। एक मजदूर किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन बाकी तीनों को निकलने का मौका नहीं मिला।

अस्पताल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन

घटना के बाद परिजन और आदिवासी समाज के लोग अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की। इसी कारण देर रात तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी।

सुरक्षा लापरवाही के आरोप

लोगों ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतने गहरे गड्ढे में मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरण के उतार दिया गया था। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले में कार्रवाई की मांग (Balod Accident) की है। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता तो मजदूरों की जान बच सकती थी। फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुटा हुआ है।

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