आजकल बड़ी संख्या में लोग दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनी डाइट में बदलाव (Bad Cholesterol) कर रहे हैं। ओट्स, चिया सीड्स, अलसी और लहसुन जैसी चीजें रोजाना खाने वालों की संख्या भी बढ़ी है। इसके बावजूद कई लोग यह शिकायत करते हैं कि उनकी रिपोर्ट में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने के बजाय पहले जैसा ही बना हुआ है या फिर बढ़ रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब खानपान में सुधार किया जा रहा है तो फिर फायदा क्यों नहीं मिल रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार समस्या खाद्य पदार्थों में नहीं, बल्कि उन्हें खाने के तरीके में छिपी होती है। छोटी-छोटी गलतियां इन हेल्दी चीजों के फायदे को कम कर सकती हैं।
ओट्स खाते समय हो सकती है सबसे बड़ी गलती : Bad Cholesterol
विशेषज्ञों के अनुसार ओट्स फाइबर से भरपूर माना जाता है और यह नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन कई लोग प्लेन ओट्स की जगह इंस्टेंट या मसाला ओट्स का सेवन करते हैं।
इन उत्पादों में अतिरिक्त नमक और शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। बेहतर परिणाम के लिए प्लेन ओट्स का सेवन करना चाहिए और उसमें अतिरिक्त चीनी मिलाने से बचना चाहिए।
अलसी के बीज का सही उपयोग जरूरी
अलसी के बीज में ओमेगा थ्री फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। लेकिन इसे कच्चा खाने पर शरीर को इसके पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञों के अनुसार अलसी को पानी में भिगोकर या ताजा पीसकर सेवन करना अधिक फायदेमंद हो सकता है। लंबे समय तक पाउडर को स्टोर करके रखने से भी इसके गुण प्रभावित हो सकते हैं।
चिया सीड्स के साथ चीनी बढ़ा सकती है परेशानी
चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन कई लोग इसे मीठे पेय पदार्थों, फालूदा, पुडिंग या ज्यादा शक्कर वाली स्मूदी में मिलाकर खाते हैं।
ऐसा करने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर प्रभावित हो सकता है। इसलिए चिया सीड्स का सेवन बिना अतिरिक्त चीनी के करना अधिक बेहतर माना जाता है।
लहसुन पकाने का तरीका भी मायने रखता है
लहसुन को हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना (Bad Cholesterol) जाता है। हालांकि, इसे बहुत अधिक तापमान पर लंबे समय तक पकाने से इसके कुछ लाभकारी तत्व प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि लहसुन को हल्का क्रश करने के बाद भोजन लगभग तैयार होने पर मिलाया जाए। इससे इसके पोषक तत्व बेहतर तरीके से सुरक्षित रह सकते हैं।
सिर्फ हेल्दी फूड नहीं, सही तरीका भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हेल्दी खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही मात्रा और सही तरीके से खाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि खानपान में सुधार के बावजूद बैड कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित नहीं हो रहा है, तो नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके और समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
