Ayushman Bharat Hospitals Strike : आयुष्मान योजना को लेकर अस्पतालों का विरोध…पाँच दिन का सांकेतिक बंद…

Ayushman Bharat Hospitals Strike
Ayushman Bharat Hospitals Strike : आयुष्मान भारत योजना को लेकर उठती परेशानियों के बीच प्रदेश के निजी अस्पतालों ने बड़ा कदम उठाते हुए 5 दिनों के सांकेतिक बंद का ऐलान किया है। यह निर्णय एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) छत्तीसगढ़ चैप्टर की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
सात साल से पैकेज दरों में बढ़ोतरी नहीं
अस्पताल संचालकों ने कहा कि आयुष्मान योजना में पैकेज दरें साल 2017 के बाद से स्थिर हैं, जबकि चिकित्सा खर्च हर वर्ष औसतन 12% से अधिक बढ़ रहा है। यहाँ तक कि 2022 में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की अनुशंसा भी अब तक लागू(Ayushman Bharat Hospitals Strike) नहीं हो पाई।
अस्पतालों की प्रमुख मांगें
बैठक में सरकार से बातचीत के लिए निम्नलिखित मुद्दों पर दबाव बनाने का निर्णय लिया गया—
पैकेज दरों में एकमुश्त बढ़ोतरी और हर साल संशोधन।
2022, 2023 और 2024 के लंबित भुगतान का निपटारा।
मरीज डिस्चार्ज के बाद अधिकतम 45 दिनों में केस ऑडिट।
45 दिन से अधिक भुगतान होने पर 1% ब्याज का प्रावधान।
जनवरी से जुलाई 2025 तक की बकाया राशि का त्वरित भुगतान।
राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगा मामला
छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य राज्यों के साथ मिलकर केंद्र सरकार(Ayushman Bharat Hospitals Strike) तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गरीब और वंचित वर्ग के इलाज पर असर न पड़े, इसके लिए वैकल्पिक विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।