Atal Progress-Way Project : चंबल क्षेत्र में विकास की नई गति, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि Atal Progress-Way Project से प्रदेश के चंबल क्षेत्र में परिवहन और कनेक्टिविटी का नया युग शुरू होगा। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे। इसका सीधा असर क्षेत्र की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी पर पड़ेगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों और स्थानीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और आवागमन को मजबूती मिलेगी।
डॉ. यादव ने पेंच राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले मार्ग को Tiger Tourism Corridor के रूप में विकसित करने का भी निर्देश दिया। यह 625 कि.मी. लंबा मार्ग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगा और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएँ खोलेगा।
बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो प्लान का तुलनात्मक प्रस्तुतीकरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मार्ग न केवल वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह उपस्थित थे।
परियोजना की सफलता के लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग को अनिवार्य बताया गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि परियोजना पूरी होने के बाद चंबल क्षेत्र उद्योग, पर्यटन और यातायात के मामले में देश के अन्य क्षेत्रों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।



