छत्तीसगढ़

Assembly Session : जब अपने ही मंत्री के सवालों से घिरे… फिर स्पीकर को देनी पड़ी सलाह

रायपुर/नवप्रदेश। Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान 14 हज़ार 580 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का मामला सदन में गूंजा। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में मामले को उठाया। चंद्राकर ने कहा कि इस विषय पर चौथी बार सवाल पूछ रहा हूं। बार-बार सवाल पूछने के बाद अब तक कुल 10 हज़ार 441 पदों की ही भर्ती हो पाई है। पिछले पांच महीने में सिर्फ़ आठ लोगों का सत्यापन हुआ है।

जब अपने मंत्री ने उठाए सवाल

मोहन मरकाम ने कहा (Assembly Session) कि राशि के प्रावधान होने के बावजूद छात्राओं को यथोचित लाभ नहीं मिल रहा। इस बीच अजय चंद्राकर ने कहा, यह दिन आ गया है कि प्रदेश अध्यक्ष को प्रश्न करना पड़ रहा है।

मरकाम ने कहा कि सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण बस्तर के बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा है। 400 से अधिक बच्चों को लाभ मिलना था, लेकिन महज 95 बच्चों को लाभ मिला, जबकि राशि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत पूरे प्रदेश के 400 बच्चों के लिए हैं। इसमें बस्तर से संबंधित सवाल के आधार पर जवाब दिया गया है। आसंदी ने कहा कि मंत्री जी मरकाम जी को संतुष्ट क्यों नहीं कर पा रहें हैं।

वहीं धरमजीत ने कहा कि मरकाम जी लगातार राम राज आने की बात कह रहें हैं, लेकिन सवाल से पता चल रहा है कि हालात कुछ और हैं। आसंदी ने निर्देशित किया कि मरकाम जी मंत्री जी के कक्ष में जाकर पूरे मामले पर चर्चा कर लें। मंत्री जी उनको संतुष्ट कर दें।

भर्ती में देरी का कारण सुनकर दुखी विपक्ष

चंद्राकर ने पूछा कि 30 जून 2022 की स्थिति में किन-किन संवर्गों की कितनी-कितनी पदों पर प्रक्रिया पूरी हो गई है? सत्यापन काम पूरा हुआ या नहीं? एक पद के सत्यापन के लिए कितनी अवधि लगती है। देरी की वजह क्या है ?

स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जवाब में कहा कि व्याख्याता का सत्यापन राज्य स्तर पर, शिक्षक का सत्यापन संभाग स्तर पर और सहायक शिक्षकों का सत्यापन ज़िला स्तर पर किया जाता है। मेरिट क्रम में सत्यापन किया जाता है।

अजय चंद्राकर ने कहा कि मैं मंत्री के जवाब से बेहद दुखी हूं। रोना आता है। छत्तीसगढ़ को मज़ाक़ बनाकर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बेरोज़गार युवाओं से जुड़ा मामला है। इस सरकार को छत्तीसगढ़ के भविष्य के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है।

स्पीकर महंत ने मंत्री टेकाम को दी सलाह

स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से कहा कि अपने विभाग से कहिए कि भर्ती प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय सीमा तय कर लें। इस दौरान सदन में बस्तर संभाग के महाविद्यालयों में संचालित नि:शुल्क नर्सिंग प्रशिक्षण योजना का मामला उठा। कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने पूछा कि विगत 3 वित्तीय वर्ष में कितने विद्यार्थियों को नर्सिंग प्रशिक्षण में प्रवेश दिया गया?

वहीं जवाब में आदिम जाति विकास मंत्री (Assembly Session) डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि विगत 3 वर्षों में 95 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के 17 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 78 विद्यार्थी है।

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