
विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और इसी बीच Narendra Modi के दौरे ने चुनावी हलचल को और तेज (Assam Election 2026) कर दिया है। गोगामुख और धेमाजी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिया कि इस बार भी राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की वापसी तय मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता का उत्साह और समर्थन इस बात का संकेत है कि राज्य में “जीत की हैट्रिक” बनने जा रही है।
जनसभा में दिखा भारी उत्साह, मोदी ने बताया जनता का मूड (Assam Election 2026)
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने सभा में उमड़ी भीड़ को देखकर कहा कि युवाओं का जोश, महिलाओं का आशीर्वाद और लोगों का भरोसा साफ बता रहा है कि चुनावी नतीजे किस दिशा में जाएंगे। उन्होंने इसे सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि “विकसित असम से विकसित भारत” की ओर बढ़ने वाला निर्णायक चरण बताया।
विकास मॉडल को बनाया सबसे बड़ा मुद्दा
पीएम मोदी ने पिछले एक दशक में राज्य में हुए विकास कार्यों को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि (Assam Election 2026) बताया। उन्होंने कहा कि Sarbananda Sonowal और Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में असम ने तेजी से प्रगति की है और अब यह सफर रुकने वाला नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर बीजेपी-एनडीए को मौका दें।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां एक तरफ बीजेपी जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है, वहीं कांग्रेस हार की हैट्रिक की ओर बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब वादों से ज्यादा काम पर भरोसा करती है।
संकल्प पत्र को बताया ‘मंगल का संकेत’
प्रधानमंत्री ने हाल ही में जारी बीजेपी के संकल्प पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि असम के उज्जवल भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप (Assam Election 2026) है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा, समान नागरिक संहिता (UCC) और आदिवासी परंपराओं के संरक्षण से जुड़े वादों को अहम बताया।
चुनावी तस्वीर हुई साफ, मुकाबला होगा दिलचस्प
असम में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। पीएम मोदी के इस दौरे के बाद साफ है कि बीजेपी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस बार किसे मौका देती है, लेकिन फिलहाल सियासी हवा में “हैट्रिक” शब्द सबसे ज्यादा गूंज रहा है।



