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Asrani Death News : कॉमेडी के बेताज बादशाह असरानी नहीं रहे, फेफड़ों की बीमारी पल्मोनरी एडिमा से जिंदगी की जंग हार गए

Asrani Death News :  हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता और कॉमेडी के बेताज बादशाह असरानी ने मंगलवार को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 84 वर्षीय असरानी लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एडिमा (Pulmonary Edema) से जूझ रहे थे।

https://youtu.be/bGkYA_r32oQ

यह वही बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की वायु थैलियों में धीरे-धीरे तरल पदार्थ भरने लगता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पिछले कुछ दिनों से असरानी को लगातार सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ यह बीमारी बेहद खतरनाक रूप ले लेती है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है।

फिल्म इंडस्ट्री में असरानी को एक ऐसे अभिनेता के रूप में जाना जाता है जिन्होंने कॉमेडी को गरिमा और गहराई दोनों दी। “शोले” के जेलर से लेकर “चुपके चुपके” के भोलेभाले प्रोफेसर तक — असरानी ने हर किरदार में दर्शकों को हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर (Asrani Death News) किया। उनकी मौत से बॉलीवुड और थिएटर जगत में शोक की लहर है। साथी कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें “हंसी की विरासत छोड़ने वाला अभिनेता” बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी एडिमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें फेफड़ों की हवा की थैलियों (एल्वियोली) में तरल पदार्थ भर जाता है। इस कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और मरीज को लगातार सांस लेने में तकलीफ होती है।

यह बीमारी अचानक भी बढ़ सकती है या धीरे-धीरे विकसित होती है। इसके कारणों में हृदय रोग, संक्रमण, फेफड़ों पर प्रदूषण का असर, दवा की अधिक मात्रा या लंबे समय से चल रही किसी अन्य बीमारी का जटिल रूप शामिल हो सकता है।

https://youtu.be/bGkYA_r32oQ

पल्मोनरी एडिमा के लक्षणों में लगातार खांसी, गुलाबी या झागदार बलगम, घरघराहट, ऑक्सीजन की कमी से त्वचा का नीला पड़ना और थकान शामिल हैं। अक्सर ऐसे मरीजों को लेटने में सांस लेने में परेशानी होती है, जबकि बैठने पर कुछ राहत महसूस (Asrani Death News) होती है। यदि समय रहते इन लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इलाज से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली, धूम्रपान से परहेज, प्रदूषण से बचाव और नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हैं।

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