Arun Sao Gas Cylinder Statement : गैस सिलेंडर की किल्लत पर बोले डिप्टी सीएम अरुण साव, अफवाहों से बचने और धैर्य रखने की अपील

छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने (Arun Sao Gas Cylinder Statement) आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और धैर्य बनाए रखें। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति वैश्विक हालात और बाजार में फैली घबराहट की वजह से बनी है, लेकिन देश में पेट्रोल और गैस की वास्तविक कमी नहीं है।
उन्होंने साफ कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों और बुकिंग को लेकर बढ़ी बेचैनी के बीच सरकार का यह बयान लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कालाबाजारी पर सख्ती, सरकार ने दिया कार्रवाई का भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर फैली चिंता का फायदा उठाने वालों पर सरकार कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासन ऐसे लोगों पर लगातार कार्रवाई (Arun Sao Gas Cylinder Statement) कर रहा है जो संकट के माहौल में कालाबाजारी या जमाखोरी के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका जोर इस बात पर रहा कि आम लोगों को घबराकर अतिरिक्त बुकिंग या अफवाहों के आधार पर फैसले लेने की जरूरत नहीं है। सरकार की कोशिश यही है कि सप्लाई व्यवस्था पर दबाव कम हो और जरूरतमंदों तक सिलेंडर समय पर पहुंच सके।
अफीम की खेती को लेकर कांग्रेस पर हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान अरुण साव ने सिर्फ गैस संकट पर ही बात नहीं की, बल्कि अफीम की खेती के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफीम की खेती की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुई थी और नशे के कारोबार को बढ़ावा उसी दौर में मिला।
उनके मुताबिक सूचना मिलने के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और अब किसी को भी ऐसे अवैध कारोबार में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गौधाम योजना को सरकार ने बताया बड़ा कदम
उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुरू हुई गौधाम योजना पर भी सरकार (Arun Sao Gas Cylinder Statement) का पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि यह योजना पशुओं की देखभाल और व्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम है। उनके अनुसार राज्य में 1460 गौधाम बनाए जाएंगे, जिनमें से 26 को मंजूरी मिल चुकी है।
सरकार का कहना है कि इन केंद्रों में पशुओं के चारे से लेकर चरवाहों के मानदेय तक की व्यवस्था की जाएगी। अरुण साव ने इसे राज्य की एक महत्वपूर्ण और सफल होने वाली योजना बताया।



