Apar ID Crisis : डिजिटल पहचान से बाहर 22 हजार विद्यार्थी, स्कालरशिप और गणवेश जोखिम में

Apar ID Crisis

Apar ID Crisis

रायपुर जिले में अपार आइडी (Apar ID Crisis) निर्माण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। जिले में कुल पांच लाख 41 हजार 127 विद्यार्थियों की अपार आइडी बनाई जानी है, जिनमें अब तक 5,19,121 विद्यार्थियों की आइडी जनरेट हो चुकी है। हालांकि, करीब 22 हजार से अधिक विद्यार्थी अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। अपार आइडी (Apar ID) न बनने का सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ सकता है, क्योंकि स्कालरशिप, पुस्तक वितरण और गणवेश जैसी सुविधाएं अब इसी आइडी से जुड़ी हुई हैं।

आधार पेंडिंग और वेरिफिकेशन बनी बड़ी वजह

शिक्षा विभाग के अनुसार जिन विद्यार्थियों की अपार आइडी (Apar ID) नहीं बन पाई, उनमें बड़ी संख्या ऐसे बच्चों की है जिनका आधार कार्ड पेंडिंग है या आधार वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ है। अपार आइडी (Apar ID) के लिए स्कूलों में यू-डाइस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी दर्ज की जा रही है। इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, स्कूल रिकार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया जाता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही यूनिक डिजिटल नंबर के रूप में अपार आइडी (Apar ID) जारी की जाती है।

जन्मतिथि और नाम की त्रुटि सबसे बड़ी परेशानी

जिले में सबसे ज्यादा दिक्कत नाम और जन्मतिथि की त्रुटियों के कारण सामने आ रही है। कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड, दाखिल-खारिज रजिस्टर और यू-डाइस पोर्टल में दर्ज विवरण आपस में मेल नहीं खा रहे। कहीं नाम की वर्तनी अलग है, तो कहीं पिता के नाम की मात्रा में अंतर है। कई मामलों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज होने से आवेदन रिजेक्ट हो चुके हैं। ऐसे विद्यार्थी (Apar ID) जिनकी जानकारी सही नहीं है, वे स्कालरशिप और अन्य सुविधाओं से वंचित होने का खतरा झेल सकते हैं।

12 अंकों की होगी अपार आइडी

अपार आइडी (Apar ID) विद्यार्थियों की 12 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान होगी, जो डीजी लाकर से लिंक रहेगी। इस आइडी में छात्र की मार्कशीट, प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे। इसका फायदा यह होगा कि छात्रों को मूल दस्तावेज साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रा, प्रतियोगी परीक्षा या किसी आपात स्थिति में केवल अपार आइडी (Apar ID) नंबर से ही दस्तावेजों का सत्यापन संभव होगा।

फायदे कई, लेकिन समय पर सुधार जरूरी

शिक्षा विभाग का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के दस्तावेजों में त्रुटि है, उनके सुधार की प्रक्रिया तेजी से कराई जा रही है। हालांकि समय सीमा नजदीक होने के कारण चिंता बनी हुई है। यदि तय तारीख तक सुधार और वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ, तो हजारों विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने में देरी या परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

जिले का आंकड़ा

जिले का नाम आइडी बने विद्यार्थियों का प्रतिशत
बेमेतरा 98.41%
राजनांदगांव 97.18%
रायगढ़ 96.36%

पिछड़े जिले
सुकमा 72.83%
बीजापुर 70.82%
नारायणपुर 69.86%

जिले में अपार आइडी (Apar ID) निर्माण का अंतिम चरण चल रहा है। 5,19,121 विद्यार्थियों की आइडी जनरेट हो चुकी है, लेकिन 22 हजार से अधिक विद्यार्थी अब भी वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की गड़बड़ी के कारण पिछड़ गए हैं। अपार आइडी (Apar ID) न बनने पर स्कालरशिप, पुस्तक वितरण और गणवेश जैसी सुविधाओं से वंचित होने का खतरा है। शिक्षा विभाग ने समय पर सुधार और वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।