Amravati Bus Auto Crash : रफ्तार की टक्कर में उजड़ा परिवार: अमरावती में बस ने ऑटो को कुचला, 6 की मौत, 7वीं की छात्रा भी नहीं बची

महाराष्ट्र के अमरावती जिले से बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना (Amravati Bus Auto Crash) सामने आई, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। वरूड – आष्टी मार्ग पर राजुरा बाजार के पास तेज रफ्तार से दौड़ रही एक शिवाई बस ने सामने से आ रहे ऑटो को सीधी और भीषण टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऑटो में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा भी शामिल है। मासूम की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
बस चालक से पूछताछ (Amravati Bus Auto Crash) जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना ओवरस्पीड, लापरवाही या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
इधर, उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी एक अलग सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। थाना फेस-2 क्षेत्र में नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार रात एक तेज रफ्तार कैंटर ने पैदल जा रहे 40 वर्षीय व्यक्ति को टक्कर मार दी।
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दे दी है। आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े (Amravati Bus Auto Crash) करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरस्पीड, नियमों की अनदेखी और लापरवाही भरी ड्राइविंग ऐसी घटनाओं की मुख्य वजह बन रही है। जब तक सख्त कार्रवाई, नियमित जांच और जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से लागू नहीं होंगे, तब तक रफ्तार का यह कहर यूं ही जिंदगियां लीलता रहेगा।



