Ajit Doval Praise CG IPS : CG के IPS डॉ. संतोष सिंह का वैश्विक डंका, अजीत डोभाल ने की इंटरनेशनल रिसर्च की तारीफ, PMO से भी मिली शाबाशी

छत्तीसगढ़ कैडर के जांबाज आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में रायपुर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी के पद पर तैनात डॉ. संतोष कुमार सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वर्दी के साथसाथ कलम में भी जबरदस्त ताकत होती है।

डॉ. सिंह की अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च बुक ने देश के गलियारों में हलचल पैदा (Ajit Doval Praise CG IPS) कर दी है। इस उपलब्धि की गूंज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंची है, जहाँ से उन्हें विशेष प्रशंसा पत्र भेजकर सम्मानित किया गया है।

अफ्रीकी देशों में शांति स्थापना पर किया बड़ा खुलासा (Ajit Doval Praise CG IPS)

डॉ. संतोष सिंह की यह रिसर्च बुक केवल एक किताब नहीं, बल्कि वैश्विक शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका शीर्षक “Institutionalization of Peacebuilding: Functioning of the United Nations Peacebuilding Commission in Sierra Leone & Burundi” है।

इस पुस्तक में उन्होंने अफ्रीका के अशांत देशों – सिएरा लियोन और बुरुंडी – में संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों की कार्यप्रणाली का बेहद बारीक और गहरा विश्लेषण किया है। उन्होंने बताया है कि कैसे संघर्ष से जूझ रहे देशों में संस्थागत सुधारों के जरिए स्थायी शांति लाई जा सकती है। उनकी इस बौद्धिक मेहनत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।

NSA अजीत डोभाल ने पत्र में क्या लिखा?

देश की सुरक्षा के चाणक्य कहे जाने वाले अजीत डोभाल ने डॉ. सिंह के काम को ‘गहराई से किया गया और प्रभावशाली’ करार दिया है। डोभाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में जब दुनिया कई तरह के संघर्षों से गुजर रही है, तब संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों को समझने के लिए इस तरह के ‘नए दृष्टिकोण’ की सख्त (Ajit Doval Praise CG IPS) जरूरत है। पीएमओ की ओर से मिली सराहना ने इस शोध को प्रशासनिक और शैक्षणिक, दोनों ही स्तरों पर एक बड़ी मान्यता दिला दी है।

वर्दी के साथ अकादमिक उत्कृष्टता का मेल

आमतौर पर माना जाता है कि पुलिस सेवा की व्यस्तताओं के बीच पढ़ाई और रिसर्च के लिए समय निकालना नामुमकिन है, लेकिन डॉ. संतोष सिंह ने इस धारणा को गलत साबित (Ajit Doval Praise CG IPS) कर दिया। उनका यह शोध न केवल नीतिनिर्माताओं के लिए उपयोगी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी एक गाइड की तरह काम करेगा।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण

एक राज्य के पुलिस अधिकारी का अंतरराष्ट्रीय फलक पर इस तरह चमकना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। डॉ. सिंह की यह सफलता प्रदेश के युवा अधिकारियों के लिए एक मिसाल है कि कैसे अपनी ड्यूटी निभाते हुए भी समाज और देश के लिए बौद्धिक योगदान दिया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रशासनिक हलकों में उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

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