पंजाब की सियासत में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने कैबिनेट मंत्री और दिग्गज कारोबारी संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर एक साथ (Cabinet Minister ED Action) दबिश दी।
मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुई यह कार्रवाई लुधियाना, जालंधर, चंडीगढ़ और गुरुग्राम सहित कुल 13 ठिकानों पर चल रही है। जांच एजेंसी ने न केवल मंत्री के घर और दफ्तर को घेरा है, बल्कि उनके करीबियों और व्यावसायिक साझेदारों को भी रडार पर लिया है।
हवाला और शेयर बाजार में हेराफेरी का शक (Cabinet Minister ED Action)
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी मुख्य रूप से संजीव अरोड़ा की कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ (Hampton Sky Realty Ltd) से जुड़ी गतिविधियों को लेकर की जा रही है। ईडी को शक है कि कंपनी ने पंजाब में जमीन के इस्तेमाल (CLU) के नियमों में बड़े पैमाने पर हेरफेर की है।
इसके अलावा, जांच एजेंसी उन आरोपों की भी पड़ताल कर रही है जिनमें कहा गया है कि शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग के जरिए कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया। सबसे गंभीर आरोप दुबई (UAE) से भारत में हवाला के जरिए अवैध सट्टेबाजी के पैसे की ‘राउंड-ट्रिपिंग’ को लेकर है।
मंत्री के बेटे और करीबियों पर भी कड़ा पहरा
लुधियाना स्थित मंत्री के आवास के बाहर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं है। ईडी की टीमें संजीव अरोड़ा के बेटे और कंपनी के एमडी काव्य अरोड़ा के ठिकानों पर भी दस्तावेज (Cabinet Minister ED Action) खंगाल रही हैं।
इसके साथ ही लुधियाना के कारोबारी हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के आवास व दफ्तरों पर भी छापेमारी जारी है। ईडी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित काली कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में खपाया गया है।
संजीव अरोड़ा का पक्ष: “एजेंसियों को करूंगा पूरा सहयोग”
इस बड़ी कार्रवाई के बीच कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “मेरे परिसरों में ईडी की छापेमारी चल रही है।
एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर मैं एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा। मुझे कानून पर भरोसा है और विश्वास है कि अंततः सच की ही जीत होगी।” फिलहाल ईडी के अधिकारी भारी मात्रा में वित्तीय दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड्स को अपने कब्जे में ले चुके हैं।
आम आदमी पार्टी के नेताओं पर बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि पंजाब में ‘आप’ नेताओं पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता (Cabinet Minister ED Action) जा रहा है। महज दो दिन पहले ही राज्यसभा सांसद और एलपीयू (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल के 10 ठिकानों पर भी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में रेड की थी।
एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं पर हो रही इन कार्रवाइयों ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर प्रहार बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा करार दे रहा है।
