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AI In Schools India : अब तीसरी क्लास से AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की पढ़ाई, CBSE का बड़ा फैसला

Central Board of Secondary Education ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते (AI In Schools India) हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी और तार्किक समझ से जोड़ना है।

बच्चों में विकसित होगी लॉजिकल और डिजिटल सोच (AI In Schools India)

नए पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को समस्या-समाधान, पैटर्न पहचान और एल्गोरिथमिक सोच जैसी क्षमताएं सिखाई जाएंगी। यह पहल बच्चों की बौद्धिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव

यह बदलाव National Education Policy 2020 के तहत किया गया है। इसके जरिए स्कूल शिक्षा को आधुनिक, तकनीक आधारित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ेगा AI

पाठ्यक्रम में AI को इस तरह शामिल किया जाएगा कि छात्र इसे केवल विषय के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोगी तकनीक के रूप में समझ (AI In Schools India) सकें। इससे उनकी रचनात्मकता, नवाचार और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

9वीं से लागू होगी दो-स्तरीय प्रणाली

सीबीएसई ने 9वीं कक्षा से गणित और विज्ञान में दो स्तर (स्टैंडर्ड और एडवांस) लागू करने का भी निर्णय लिया है। छात्र अपनी क्षमता के अनुसार परीक्षा का स्तर चुन सकेंगे।

तीन-भाषा फॉर्मूला भी होगा लागू

नई व्यवस्था के तहत कक्षा 3 और 6 से भाषा शिक्षा को अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी होगा।

सह-शैक्षणिक विषयों को भी मिला महत्व

कक्षा 9 और 10 में कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य (AI In Schools India) किया गया है। इसके लिए नए पाठ्यक्रम और किताबें भी लागू की जाएंगी, जिससे छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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