Achanakmar Tiger Reserve : एटीआर में पर्यटकों को बाघ का दीदार, कैमरे में कैद हुई रोमांचक तस्वीरें

अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) बिलासपुर में सफारी पर निकले पर्यटकों के लिए रविवार का दिन बेहद यादगार बन गया। द्वितीय पाली की सफारी के दौरान रायपुर से आए एक परिवार को जंगल के भीतर बाघ का प्रत्यक्ष दीदार हुआ। खुले जंगल में बाघ को सामने देखकर पर्यटकों की खुशी देखते ही बनती थी। इस दुर्लभ और रोमांचक पल को उन्होंने अपने मोबाइल कैमरे में वीडियो और तस्वीरों के रूप में कैद कर लिया।
घूमने-फिरने के मौसम के चलते इन दिनों अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) पर्यटकों से गुलजार है। प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग जंगल सफारी का आनंद लेने यहां पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर निवासी हरिशंकर समीर अपने पूरे परिवार के साथ एटीआर पहुंचे थे।
परिवार जिस पर्यटक वाहन से जंगल भ्रमण पर निकला, उसके चालक जीवन लाल साकत और टूरिस्ट गाइड कुशाल टिलवानी थे। सफारी शुरू हुए कुछ ही समय बीता था कि जंगल के अंदर अचानक सामने बाघ दिखाई दे गया। बाघ को देखते ही चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया।
इसके बाद पर्यटकों को अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) के प्राकृतिक वातावरण में बाघ को शांत भाव से चलते-फिरते देखने का अवसर मिला। कुछ देर तक बाघ जंगल के रास्ते पर दिखाई देता रहा, जिससे पर्यटक रोमांचित हो उठे। परिवार के सदस्यों ने बिना शोर-शराबा किए बाघ के इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।
हरिशंकर समीर ने बताया कि जंगल में बाघ को इतने करीब से देखना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि एटीआर (Achanakmar Tiger Reserve) की यह यात्रा हमेशा उनके परिवार को रोमांच और खुशी की याद दिलाती रहेगी। सफारी के बाद उन्होंने बाघ की तस्वीरें और वीडियो तत्काल रिजर्व प्रबंधन के साथ भी साझा किए।
अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पर्यटकों द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा कि यह क्षेत्र बाघों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास है। लगातार संरक्षण प्रयासों के कारण यहां वन्यजीवों की संख्या में संतुलन बना हुआ है। प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि सफारी के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और वन्यजीवों को किसी भी तरह से परेशान न करें।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एटीआर (Achanakmar Tiger Reserve) में बाघों की सक्रियता बढ़ने से यह संकेत मिलता है कि जंगल का इको-सिस्टम स्वस्थ है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि अचानकमार टाइगर रिजर्व न सिर्फ रोमांच देता है, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण का महत्व भी समझाता है। बाघ का यह दीदार उनके लिए किसी सौगात से कम नहीं रहा।



