दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और शिक्षा की एक नई इबारत लिखी गई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘स्कूल केइंता’ अभियान (Abujhmad School Campaign) के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम कोहकापार में आजादी के बाद पहली बार प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत हुई है। शिक्षा की यह अलख जगाने के लिए जिले की कलेक्टर स्वयं संकीर्ण रास्तों, नदी-नालों, पहाड़ों और घने जंगलों को पार करते हुए बाइक से करीब 100 किलोमीटर दूर इस अंतिम गांव तक पहुंचीं और गांव की पहली प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया। इससे गांव के बच्चों के लिए पहली बार नियमित शिक्षा का रास्ता खुल गया।
पारंपरिक मुकुट पहनाकर हुआ नौनिहालों का स्वागत
कलेक्टर ने गांव के घोटूल में संचालित होने वाली इस नई कक्षा का फीता काटकर शुभारंभ किया और स्वयं बच्चों की पहली कक्षा लेकर उन्हें पढ़ाया। शाला के पहले ही दिन प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) से जुड़ने के लिए गांव के 21 बच्चों का नामांकन हुआ, जिनमें 11 छात्राएं और 10 छात्र शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी बच्चों का पारंपरिक मुकुट पहनाकर स्वागत किया तथा उन्हें स्कूल बैग और पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य और समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। सभी बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएं और मन लगाकर पढ़ाई करें।
घर-घर सर्वे से मिले 2 हजार से अधिक बच्चे
कलेक्टर ने बताया कि ‘स्कूल केइंता’ अभियान (School Keinta Abhiyan) के माध्यम से अबूझमाड़ के उन बच्चों को खोजा जा रहा है, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके थे। घर-घर किए गए शैक्षणिक सर्वे के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक जिले के 2 हजार से अधिक बच्चों को विभिन्न शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। कोहकापार में प्राथमिक विद्यालय का खुलना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
‘माड़ संवाद’ में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
विद्यालय के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ ‘माड़ संवाद’ (Mad Samvad) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने गांव में राशन, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और पोषण व्यवस्था की समीक्षा की। ग्राम पंचायत के सरपंच मनु ध्रुव ने बताया कि 25 परिवारों और लगभग 128 आबादी वाले इस गांव में नल-जल योजना, बिजली और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सभी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील
कलेक्टर ने ग्रामीणों से शासकीय योजनाएं (Government Schemes) का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित किया, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। साथ ही दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर सर्वे करने वाले स्कूल समन्वयक खेमा अंगारे के प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही यह ऐतिहासिक पहल सफल हो सकी।
