संपादकीय: झारखंड के छात्रों की सुध ले सरकार

नीट पेपरलीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया नतजीतन सरकार को उनकी मांगो के आगे झुकना पड़ा था किन्तु झारखंड में पिछले दस दिनों से सैंकड़ो छात्र जेपीएससी पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन रत हैं और बरसते पानी के बीच सिर्फ तिरपाल लगाकर गिली जमीन पर धरने पर बैठै हुए हैं।

किन्तु उनकी मांग पर झारखंड सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। न तो वहां पर जंतर मंतर की तरह देश विरोधी नारे लग रहे हैं और न ही गंदी गंदी गालियां बकी जा रही है और न ही वहां बिरयानी बट रही है। सैकड़ो छात्र गुड और चिवड़ा खाकर धरने पर बैठै हुए हैं।

इन आंदोलकारी छात्रों पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभीजित दीपके ने जुबानी समर्थन दिया है और कहा है कि उनकी तबियत खराब है इसलिए वे नहीं आ पा रहे हैं किन्तु कॉकरोच जनता पार्टी के सभी नेता तो बिमार नहीं हैं वे तो वहां जा ही सकते हैं। लेकिन किसो को झारखंड़ के छात्रों की चिंता नहीं है। कांग्रेस पार्टी तो झारखंड की झमुमों की सरकार में शामिल है इसलिए कांग्रेस भी इस मुद्दे पर खामोश है। रही बात छात्रों की सबसे बड़ी हितैशी बनने वाली आम आदमी पार्टी की तो उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल की झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से दोस्ती है इसलिए वे भी खामोशी की चादर ओढ़े हुए हैं।

झारखंड़ के छात्रों के साथ न्याय हो इसके लिए छात्र समुदाय को ही आगे आना होगा क्योंकि ऐजेंडा धारी पार्टियां उनका समर्थन नहीं करेंगी। इसके पहले की झारखंड के छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन तेज हो झारखंड सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए।

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