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World Suicide Prevention Day : मानसिक समस्याओं की समय पर पहचान हो जाए तो इलाज संभव

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रायपुर/नवप्रदेश। World Suicide Prevention Day : मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस जागरूकता रथ का उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति फैली भ्रांतियों के प्रति जागरूक करना है और ऐसे लोगों को पहचानना है, जो आत्महत्या का का प्रयास कर सकते है। ऐसे लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें एक नवजीवन की ओर अग्रसर करना है।

प्रत्येक वर्ष 10 सितम्बर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की थीम ‘क्रियेटिंग होप थू्र एक्शन’ (कर्म से उम्मीद जगाना) निर्धारित की गई है।

इसी क्रम में जिले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 6 से 10 सितम्बर तक विश्व आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

World Suicide Prevention Day: If mental problems are identified on time, then treatment is possible

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर सृष्टि यदु ने बताया, आज भी लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भ्रांतियां फैली हुई है जिसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्क के साथ दूर करने की जरूरत है । मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को सबको साथ मिलकर दूर करना होगा।

मानसिक स्वास्थ्य समस्या भी शारीरिक स्वास्थ्य समस्या की तरह ही होती है। शारीरिक स्वास्थ्य समस्या हम अपनी आंखों से देख सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य समस्या को समझने के लिए हमें उस व्यक्ति को समय देना होता है। जो इस से जूझ रहा होता है। हर मानसिक समस्या का हल है यदि समय पर मानसिक समस्याओं को पहचान लिया जाता है तो उसका इलाज भी संभव हो जाता है।

विश्व आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के दौरान सभी विकासखण्ड में जन जागरूकता हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त मरीजों की पहचान की जायेगी और उनको उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों में सोशल मीडिया की भी सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी, इसके लिए हैशटैग अभियान और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। साथ ही आत्महत्या रोकथाम संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, पम्पलेट वितरण, बैनर, पोस्टर जागरूकता कार्ड, बैठक एवं रेडियो जिंगल्स आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के महत्वपूर्ण वीडियो एवं फोटोग्राफ भी संकलित किये जायेंगे एवं उनको विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से साझा किया जाएगा।

आत्महत्या का प्रयास करने वालों की होगी पहचान

विश्व आत्महत्या रोकथाम सप्ताह (World Suicide Prevention Day) के दौरान विशेष रूप से ऐसे मानसिक रोगियों की पहचान की जायेगी जो आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। पहचान करने के उपरांत ऐसे लोगों को मानसिक रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया जाएगा साथ ही उनका उपचार भी शुरू किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त लोगों की भी पहचान कर उनका उपचार भी सुनिश्चित करवाया जाएगा।

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