
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा (Amit Jogi) हो गया है। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब एक राजनीतिक दल के नेता के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और कथित रूप से भ्रामक जानकारी देने की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की तकनीकी जांच होने पर वास्तविक तथ्य सामने आ सकते हैं।
अमित जोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज : Amit Jogi
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता अमित जोगी के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी गई है। शिकायत में धार्मिक भावनाएं आहत करने, कथित रूप से गलत जानकारी देने और साक्ष्य मिटाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। यह शिकायत भाजपा आईटी सेल से जुड़े प्रदेश कार्यालय सहमंत्री शैलेश दीक्षित द्वारा दर्ज कराई गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
शिकायत के अनुसार विवाद की शुरुआत 27 मई 2026 को बकरीद के अवसर पर साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। आरोप है कि शुभकामना संदेश के साथ साझा किए गए पोस्टर में ऐसे चित्र का उपयोग किया गया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई गई और लोगों ने विरोध दर्ज कराया।
पोस्ट हटाने का भी आरोप
शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट को लेकर विरोध बढ़ने के बाद संबंधित तस्वीर को सोशल मीडिया मंच से हटा दिया गया। इसके बाद एक संशोधित तस्वीर साझा किए जाने का भी दावा किया गया है।
तकनीकी जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की एडिट हिस्ट्री और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
शिकायत में विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने का आग्रह (Amit Jogi) किया गया है। साथ ही प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चा बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और समर्थक सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि मामले में जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है और संबंधित एजेंसियों द्वारा तथ्यों की जांच (Amit Jogi) की जानी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन संभव होगा। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।



