राजनीति

INDIA Alliance : विपक्षी बैठक से दूर रही विजय की पार्टी, आखिर क्या है इसके पीछे की वजह?

नई दिल्ली में सोमवार को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल (INDIA Alliance) तेज है। राजधानी में विभिन्न दलों के नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है और बैठक को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है कि तमिलनाडु की तेजी से उभरती राजनीतिक पार्टी को इस महत्वपूर्ण बैठक का निमंत्रण क्यों नहीं मिला।

राजनीतिक जानकारों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। हाल के महीनों में राज्य की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाली इस पार्टी की गैरमौजूदगी ने कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है। ऐसे में सभी की नजरें बैठक से निकलने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।

आज होगी विपक्षी दलों की अहम बैठक : INDIA Alliance

राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इसमें करीब 23 राजनीतिक दल हिस्सा लेंगे। आगामी राजनीतिक रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा इस बैठक का प्रमुख एजेंडा माना जा रहा है।

पार्टी की मौजूदगी पर बना हुआ है सस्पेंस

सूत्रों के अनुसार बैठक में तमिलनाडु की इस नई राजनीतिक पार्टी की भागीदारी को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसे लेकर अंतिम निर्णय बैठक के दौरान या उसके बाद सामने आ सकता है।

निमंत्रण नहीं मिलने की वजह क्या बताई गई

इस पूरे मामले पर सहयोगी दल की ओर से सफाई दी (INDIA Alliance) गई है। बताया गया है कि बैठक के लिए उन्हीं राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है जिनका वर्तमान में संसद में प्रतिनिधित्व है। जिन दलों के पास अभी कोई सांसद नहीं है, उन्हें इस दौर की बैठक में शामिल नहीं किया गया।

नई पार्टी होने का असर

चूंकि यह राजनीतिक दल अपेक्षाकृत नया है और उसके पास फिलहाल लोकसभा या राज्यसभा में कोई सदस्य नहीं है, इसलिए उसे निमंत्रण सूची में जगह नहीं मिल सकी। यही कारण बताया जा रहा है कि बैठक में उसका नाम शामिल नहीं किया गया।

पहले भी गठबंधन को दिया था समर्थन

राज्य की राजनीति में सक्रिय इस दल ने विधानसभा चुनाव में सफलता मिलने के बाद गठबंधन सहयोग को प्राथमिकता दी थी। बताया (INDIA Alliance) जाता है कि उपलब्ध राज्यसभा सीट को भी गठबंधन की मजबूती के लिए सहयोगी दल के पक्ष में छोड़ा गया था। इसके बावजूद मौजूदा बैठक में निमंत्रण नहीं मिलने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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