छत्तीसगढ़

Paddy Scam : कागजों में सूख गया लाखों का धान, जांच में खुला बड़ा खेल

राजनांदगांव जिले में धान खरीदी को लेकर एक और बड़ा मामला सामने आने के बाद सहकारी समितियों में हलचल (Paddy Scam) बढ़ गई है। जांच टीम की कार्रवाई के बाद इलाके में दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही। किसानों के बीच भी नाराजगी देखी गई, क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में गड़बड़ी की खबर ने भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बागरेकसा उपार्जन केंद्र में जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। रिकॉर्ड में धान मौजूद दिखाया गया, लेकिन मौके पर एक दाना तक नहीं मिला। कागजों में सूखत दिखाकर लाखों रुपये के धान को गायब करने का मामला सामने आने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

जांच में खुला 52 लाख से ज्यादा का मामला : Paddy Scam

जांच में करीब 52 लाख 57 हजार 786 रुपये मूल्य के 1696.06 क्विंटल धान के गबन की पुष्टि हुई है। समिति के रिकॉर्ड और ऑनलाइन आंकड़ों में हेराफेरी कर पूरे खेल को अंजाम दिया गया। मामले में समिति प्रबंधक नीलकंठ साहू, आपरेटर ओम कुमार यादव और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

रिकॉर्ड और जमीन की हकीकत में बड़ा फर्क

संयुक्त जांच दल ने उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया और ऑनलाइन रिपोर्ट से मिलान किया। रिकॉर्ड में बताया गया कि केंद्र में धान शेष है, लेकिन मौके पर न बोरियों में और न खुले स्थान पर धान मिला। अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 1696.06 क्विंटल धान बचा होना चाहिए था।

सूखत के नाम पर किया गया खेल

जांच के दौरान समिति प्रबंधक और आपरेटर ने दावा किया कि धान सूखत (Paddy Scam) में चला गया। उन्होंने यह भी माना कि राइस मिलर्स को धान भेजते समय रैंडम वजन नहीं किया गया। बाद में जांच में पता चला कि वास्तविक वजन दर्ज करने की बजाय फर्जी आंकड़े ऑनलाइन चढ़ाए गए और धान को कागजों में कम दिखा दिया गया।

हर बोरे में दो किलो कम दिखाया गया

जांच टीम ने धर्मकांटा के असली वजन पत्रकों का मिलान कंप्यूटर माड्यूल से किया तो पूरा मामला साफ हो गया। कई वाहनों में प्रति बोरा दो किलो धान कम दिखाया गया था। 875 बोरों वाले वाहनों में 17.50 क्विंटल तक की कमी दर्ज की गई। इसी तरह 800, 700, 600 और 500 बोरों वाले वाहनों में भी काल्पनिक कमी दिखाकर धान कम दर्शाया गया।

संग्रहण केंद्र के रिकॉर्ड से खुली पोल

जांच में यह भी सामने आया कि संग्रहण केंद्रों को भेजे गए धान की जावक पर्चियों में वास्तविक वजन (Paddy Scam) दर्ज था। इससे अधिकारियों को साफ संकेत मिला कि राइस मिलर्स को भेजे जाने वाले धान में जानबूझकर फर्जी कमी दिखाई गई। जांच दल का मानना है कि सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड बदलकर धान को कागजों में गायब किया गया।

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