झारखण्ड

Jharkhand Governance News : अब योजनाओं पर सीधी नजर, सीएम सोरेन के नए सिस्टम से बढ़ी हलचल

रांची में इन दिनों Jharkhand Governance News को लेकर प्रशासनिक हलकों में काफी हलचल है। सरकार के नए फैसले के बाद अब योजनाओं की निगरानी का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अधिकारियों के बीच भी इसे लेकर अलग तरह की चर्चा शुरू हो गई है।

जमीनी स्तर पर बात करें तो आम लोगों में भी उम्मीद बढ़ी है कि अब योजनाओं का फायदा सही तरीके से पहुंचेगा। पहले जहां काम की जानकारी कागजों तक सीमित रह जाती थी, अब लोगों को लग रहा है कि सिस्टम थोड़ा ज्यादा सख्त और पारदर्शी हो सकता है।

सीएम की सीधी निगरानी (Jharkhand Governance News)

झारखंड में सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति सिर्फ फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे।

रांची में स्थापित किए जाने वाले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए मुख्यमंत्री योजनाओं की रियल टाइम स्थिति पर नजर रखेंगे। इससे राज्य के अंतिम स्तर तक पहुंचने वाली योजनाओं को सीधे ट्रैक किया जा सकेगा और गड़बड़ियों की गुंजाइश कम होगी।

E Governance India फोकस

अब तक योजनाओं की जानकारी अधिकारियों के माध्यम से समीक्षा बैठकों में दी जाती थी, लेकिन अब सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफार्म इस पूरी प्रक्रिया को बदलने जा रहा है। सूचना तकनीक और ई गवर्नेंस विभाग के निर्देश पर JAP IT ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।

इस योजना को सीएम डैशबोर्ड 2 के तहत विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मुख्यमंत्री अपने कार्यालय से ही देख सकेंगे कि कौन सी योजना किस जिले या प्रखंड में किस स्थिति में है और कहां अटक रही है।

विशेषज्ञों से ली जाएगी राय

इस परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए अगले महीने हैदराबाद में आईटी और एआई से जुड़ा एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के विशेषज्ञ इस प्लेटफार्म को लेकर अपनी राय देंगे। सरकार का लक्ष्य है कि यह डेटा सेंटर देश के आधुनिक गवर्नेंस मॉडल में शामिल हो और तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जा सके।

Digital Monitoring असर

सीएम डैशबोर्ड के जरिए मुख्यमंत्री योजनाओं के साथ साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास सूचकांकों पर भी नजर रख सकेंगे। इससे अधिकारी गलत जानकारी देकर सिस्टम को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

इसके साथ ही आम लोगों की शिकायतों के निपटारे की गति पर भी नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि जिला और प्रखंड स्तर के कर्मचारियों के साथ सरकार का सीधा संपर्क जरूरी है ताकि जमीनी स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।

पंचायत स्तर तक पहुंचेगा सिस्टम

पंचायतों को मिलने वाले फंड और विकास कार्यों की निगरानी भी इसी प्लेटफार्म से की जाएगी। सड़क, पुल, सिंचाई और स्वास्थ्य से जुड़े कामों को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाएगा। इस योजना के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को टैब देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे वे सीधे सिस्टम से जुड़ सकें। इसे पंचायत स्तर पर डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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