Raghav Chadha BJP : राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी AAP, बीजेपी में शामिल हुए दिग्गज

भारतीय राजनीति के गलियारों से आज की सबसे बड़ी खबर सामने (Raghav Chadha BJP) आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP), जो खुद को देश की सबसे तेजी से बढ़ती राजनीतिक शक्ति बताती थी, आज बिखरती नजर आ रही है। पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरे माने जाने वाले राघव चड्ढा समेत कुल सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है।
इस घटनाक्रम ने न केवल दिल्ली और पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि विपक्षी एकता के दावों पर भी पानी फेर दिया है। खास बात यह है कि इस्तीफा देने के कुछ ही पलों बाद राघव चड्ढा और दो अन्य सांसदों ने विधिवत रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ले ली, जिससे यह साफ हो गया है कि पर्दे के पीछे की पटकथा काफी समय से लिखी जा रही थी।
अपनों की बगावत और बीजेपी का बढ़ता कुनबा (Raghav Chadha BJP)
इस इस्तीफे के बाद से ही कयासों का दौर जारी है। राघव चड्ढा के अलावा संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े नामों का साथ छोड़ना पार्टी के लिए एक ऐसा घाव है, जिसे भरना आसान नहीं होगा।
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं का कहना है कि वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे आम आदमी पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र की विफलता मान रहे हैं। बीजेपी नेता तरुण चुघ ने इसे अरविंद केजरीवाल के ‘भ्रष्ट तंत्र’ की हार बताया है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि जब नेतृत्व ही अपनी राह से भटक जाए, तो ईमानदार कार्यकर्ताओं का वहां टिकना नामुमकिन हो जाता है।
‘शीशमहल’ और भ्रष्टाचार के आरोपों पर छिड़ी जंग
इस्तीफों की इस झड़ी के बीच बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला (Raghav Chadha BJP) बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास या ‘शीशमहल’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जो व्यक्ति कभी दो कमरों के मकान की बात करता था, आज वह विलासिता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।
वर्मा ने सवाल उठाया कि क्या इसी भ्रष्टाचार की वजह से पार्टी के पुराने साथी अब दूर भाग रहे हैं? उन्होंने पूछा कि नए निर्माणों के लिए पैसा कहां से आ रहा है और क्या पार्टी अब सिर्फ कुछ खास कारोबारियों के हितों की रक्षा करने तक सीमित रह गई है? इन आरोपों ने केजरीवाल सरकार की घेराबंदी और तेज कर दी है।
लोकतंत्र पर खतरा या रणनीतिक चूक?
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों को खरीदने और सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने आप (AAP) को अपनी गलतियों से सीखने की सलाह दी है।
सपा प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि जो पार्टी गरीबों और पिछड़ों के हक की बात कर सत्ता (Raghav Chadha BJP) में आई, उसने राज्यसभा भेजते समय अपने ही कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने इसे आप की ‘रणनीतिक चूक’ बताया, जिसके कारण आज जमीनी कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।



