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Motion Lok Sabha Debate : लोकसभा में सियासी घमासान, राहुल गांधी के बयान पर भड़के रविशंकर प्रसाद, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर गरमाई बहस

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार को सियासी (Motion Lok Sabha Debate) माहौल गरमा गया। सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भाजपा के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

बहस उस समय तेज हो गई जब राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार संसद में अपनी बात रखने से रोका गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कुछ संवेदनशील मुद्दे उठाने की कोशिश की थी।

राहुल गांधी ने लगाए आरोप

राहुल गांधी ने सदन में कहा कि उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक और अन्य मुद्दों का जिक्र करना चाहा था, लेकिन उन्हें बोलने का पूरा मौका नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इन मुद्दों को उठाने पर उन्हें बीच में रोक दिया गया।

भाजपा का कड़ा जवाब

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने उनके आरोपों को खारिज (Motion Lok Sabha Debate) कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में इस तरह के आरोप पूरी तरह आधारहीन हैं और संसद की प्रक्रिया के अनुसार ही कार्यवाही चलती है। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि पॉइंट ऑफ ऑर्डर के दौरान इस तरह की चर्चा करना नियमों के अनुरूप नहीं है।

स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर सवाल

भाजपा नेता ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि संसद की कार्यवाही को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच बनाने से बचना चाहिए।

अविश्वास प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की एक अप्रकाशित किताब के अंशों का उल्लेख करने की कोशिश की थी। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई थी।

इसके बाद कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (Motion Lok Sabha Debate) पेश किया, जिसे विपक्ष के कई सांसदों का समर्थन मिला। सदन में इस प्रस्ताव पर लंबी चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया है।

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