AI Based Education India : किताबों से आगे बढ़ेगी पढ़ाई, कक्षा तीन से बदलेगा बच्चों का सीखने का तरीका

AI Based Education India

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नई दिल्ली में आयोजित भारत बोधन एआइ कान्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि देश में कक्षा तीन से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा शुरू करने की तैयारी (AI Based Education India) की जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक अब शिक्षा व्यवस्था का केवल सहायक नहीं, बल्कि उसका केंद्रीय स्तंभ बनती जा रही है। इसी दिशा में सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एआइ के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों को भी उन्नत डिजिटल उपकरणों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है।

दो दिवसीय इस कान्क्लेव में देशभर से शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ता और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एआइ के माध्यम से शिक्षा तंत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, इसके व्यापक उपयोग पर चर्चा करना और राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण को मजबूत करना रहा।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में विकसित होने वाले एआइ मॉडल नैतिक, जिम्मेदार, समावेशी और आत्मनिर्भर (AI Based Education India) होने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय संदर्भ में तैयार एआइ न केवल सभी वर्गों के लिए उपयोगी हो, बल्कि अन्य प्रणालियों के साथ सहजता से काम करने में सक्षम और अपनी क्षमता में मजबूत भी हो।

उन्होंने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए विस्तार योग्य और जिम्मेदार एआइ समाधान विकसित करें। मंत्री ने विश्वास जताया कि इस कान्क्लेव में हुई चर्चाएं भारत की एआइ क्षमताओं को नई दिशा देंगी और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होंगी।

यह आयोजन राष्ट्रीय राजधानी में 16 से 20 फरवरी के बीच होने वाले बड़े इंडिया एआइ समिट से पहले आयोजित किया गया है। इस समिट में वैश्विक तकनीकी जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है, जिनकी मौजूदगी से भारत की एआइ नीति और शिक्षा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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